धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक धमाका! PCS अफसरों के तबादले, IAS सचिन कुर्वे को मिली बड़ी जिम्मेदारी

उत्तराखंड की नौकरशाही में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने शनिवार को कई PCS और सचिवालय सेवा अधिकारियों के तबादले करते हुए प्रशासनिक मशीनरी में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की है। इसी के साथ वरिष्ठ IAS अधिकारी सचिन कुर्वे को भी राज्य से रिलीव कर केंद्र सरकार के अधीन चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के बाद सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी मानसून, चारधाम यात्रा, निवेश परियोजनाओं और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए यह फेरबदल रणनीतिक रूप से किया गया है।

देहरादून से जारी कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के आदेश के अनुसार कई महत्वपूर्ण विभागों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सरकार ने जिन अधिकारियों को बदला है, उनमें अल्पसंख्यक कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक निर्माण, गृह विभाग, परिवहन निगम और जिला प्रशासन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब फील्ड एडमिनिस्ट्रेशन और विभागीय मॉनिटरिंग को और तेज करना चाहती है।

PCS

सबसे चर्चित नाम IAS अधिकारी सचिन कुर्वे का रहा। भारत सरकार के आदेश के तहत IAS-2003 बैच के अधिकारी सचिन कुर्वे को चेयरपर्सन (JS स्तर) चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। उन्हें पांच वर्षों के कार्यकाल के लिए नियुक्ति दी गई है। इसके बाद उत्तराखंड शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से राज्य से कार्यमुक्त कर दिया। सचिन कुर्वे उत्तराखंड में लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक रूप से बेहद प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है। केंद्र में उनकी यह नियुक्ति उत्तराखंड कैडर के लिए भी अहम मानी जा रही है।

PCS अफसरों के तबादले

राज्य सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में सबसे पहले नाम गिरधारी सिंह रावत का है। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से हटाकर सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं इला गिरी को RERA और भू-संपदा अपीलीय अधिकरण से हटाकर दुग्ध विकास एवं महिला डेयरी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि डेयरी सेक्टर में सरकार बड़े स्तर पर सुधार और ग्रामीण रोजगार योजनाओं को मजबूत करना चाहती है, इसलिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुंदर लाल सेमवाल को उद्यान विभाग से हटाकर सचिवालय प्रशासन विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। यह विभाग सरकार की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। वहीं महावीर सिंह चौहान को लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। मानसून और सड़क परियोजनाओं को देखते हुए यह विभाग इस समय सरकार की प्राथमिकता में है। ऐसे में यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।

सरकार ने गृह विभाग में भी बड़ा बदलाव किया है। सुनील सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग से हटाकर गृह विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, चारधाम यात्रा और सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए गृह विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है।

फील्ड प्रशासन में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। फिरोज अहमद को हरिद्वार से हटाकर पौड़ी का अपर जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं अनिल गर्व्याल को पौड़ी से हटाकर परिवहन निगम में महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार और देहरादून के डिप्टी कलेक्टर स्तर पर भी बदलाव हुए हैं। जितेंद्र कुमार को हरिद्वार में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है जबकि योगेश मेहरा को हरिद्वार का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। प्रमोद कुमार को नैनीताल से हटाकर चंपावत भेजा गया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि धामी सरकार अब 2026 के प्रशासनिक रोडमैप पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में एक तरफ चारधाम यात्रा अपने चरम पर है, दूसरी तरफ मानसून सीजन को लेकर भी सरकार हाई अलर्ट मोड में है। ऐसे समय में अनुभवी अधिकारियों की रणनीतिक तैनाती प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में IAS स्तर पर भी कुछ और बड़े फेरबदल संभव हैं। खासतौर पर निवेश, पर्यटन, शहरी विकास और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों में नई नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं। सरकार की कोशिश है कि आगामी महीनों में ग्राउंड लेवल मॉनिटरिंग और परियोजनाओं की गति को और तेज किया जाए।

सचिन कुर्वे की केंद्र में नियुक्ति को भी केवल सामान्य ट्रांसफर नहीं माना जा रहा। चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी देश के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक केंद्रों में गिनी जाती है। ऐसे में यह जिम्मेदारी प्रशासनिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम है। उत्तराखंड से केंद्र में इस स्तर की नियुक्ति राज्य के प्रशासनिक नेटवर्क को भी मजबूत करती है।

धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! कई IAS अफसरों के विभाग बदले, देहरादून से लेकर गढ़वाल तक बड़ा फेरबदल

इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए अधिकारी अपने विभागों और जिलों में किस तरह की कार्यशैली अपनाते हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा, मानसून आपदा प्रबंधन, सड़क निर्माण, कानून व्यवस्था और निवेश परियोजनाओं पर इन बदलावों का सीधा असर देखने को मिल सकता है।

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