उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभागों और जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव कर दिया। शासन द्वारा जारी आदेश में सचिव स्तर से लेकर जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मिशन निदेशक और विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार की जानकारी दी गई है। इस बड़े प्रशासनिक reshuffle को आगामी मानसून, चारधाम यात्रा, शहरी विकास, शिक्षा सुधार और आपदा प्रबंधन की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि कई अधिकारियों को बेहद संवेदनशील विभाग सौंपे गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां वापस भी ली गई हैं। शासन के इस फैसले ने उत्तराखंड की नौकरशाही में नई हलचल पैदा कर दी है।
प्रशासनिक फेरबदल लिस्ट
प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ IAS अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। वहीं डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा से उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी हटा दी गई है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में नई शिक्षा नीति, विश्वविद्यालयों के ढांचे और तकनीकी शिक्षा के विस्तार पर सरकार तेजी से काम कर रही है। माना जा रहा है कि उच्च शिक्षा विभाग में आने वाले समय में कई बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

इसी तरह IAS अधिकारी विनय शंकर पांडे को नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास पहले से उद्योग और MSME से जुड़े विभाग थे। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे विभागों का प्रभार मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार स्वास्थ्य ढांचे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी चाहती है। चारधाम यात्रा और मानसून के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और इसी को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
देहरादून के जिलाधिकारी रहे सविन बंसल को अब सचिव नियोजन बनाया गया है। सविन बंसल को राज्य में तेज फैसले लेने वाले अधिकारियों में गिना जाता रहा है। देहरादून में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक मॉनिटरिंग में उनकी भूमिका लगातार चर्चा में रही। अब उन्हें सचिव नियोजन जैसी अहम जिम्मेदारी देकर सरकार ने विकास योजनाओं और नीति निर्माण में उनकी भूमिका बढ़ा दी है।
वहीं IAS अधिकारी आनंद स्वरूप को आयुक्त गढ़वाल मंडल, पौड़ी का प्रभार सौंपा गया है। गढ़वाल मंडल चारधाम यात्रा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में यह नियुक्ति आने वाले महीनों में काफी अहम रहने वाली है। खासतौर पर मानसून सीजन और यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार प्रशासनिक स्तर पर सख्त तैयारी में दिखाई दे रही है।
एक और बड़ा बदलाव IAS अधिकारी आशीष चौहान को लेकर हुआ है। उन्हें देहरादून का जिलाधिकारी और स्मार्ट सिटी का CEO बनाया गया है। इससे पहले वे उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी और खेल विभाग से जुड़े पदों पर कार्यरत थे। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते शहरी दबाव, ट्रैफिक, मानसून प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कारण DM देहरादून का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आशीष चौहान की तैनाती को सरकार की रणनीतिक नियुक्ति के तौर पर देखा जा रहा है।
नगर निगम देहरादून में भी बड़ा बदलाव हुआ है। IAS अधिकारी नमामि बंसल को विद्यालयी शिक्षा विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं आलोक कुमार पांडे को नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून की जिम्मेदारी दी गई है। देहरादून नगर निगम पिछले कुछ समय से सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में नए नगर आयुक्त के सामने कई बड़ी चुनौतियां रहेंगी।
शिक्षा विभाग में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। IAS अधिकारी दीप्ति सिंह को अल्पसंख्यक कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि आकांक्षा कोंडे को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और कर्मचारी बीमा योजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। माना जा रहा है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को नए प्रशासनिक मॉडल के तहत गति देना चाहती है।
आपदा प्रबंधन विभाग में भी महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है। IAS अधिकारी सौरभ गहरवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें U-PREPARE परियोजना का दायित्व भी दिया गया है। उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन विभाग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मानसून के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और बादल फटने जैसी घटनाओं को देखते हुए सरकार प्रशासनिक मशीनरी को मजबूत करने में जुटी हुई है।
बागेश्वर जिले में भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। IAS अधिकारी अपूर्वा पांडे को जिलाधिकारी बागेश्वर नियुक्त किया गया है। वहीं आकांक्षा कोंडे को वहां से हटाकर शिक्षा विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है। पर्वतीय जिलों में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां देकर सरकार जिलास्तर पर मॉनिटरिंग और विकास कार्यों को तेज करना चाहती है।
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं माना जा रहा। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे धामी सरकार की “परफॉर्मेंस बेस्ड ब्यूरोक्रेटिक रीसेट” के तौर पर देखा जा रहा है। जिन विभागों में आने वाले महीनों में बड़े फैसले, योजनाएं या संवेदनशील परिस्थितियां सामने आने वाली हैं, वहां नए अधिकारियों की तैनाती इस ओर इशारा कर रही है कि सरकार अब प्रशासनिक डिलीवरी को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चाहती।
उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS अधिकारियों को केंद्र में नई जिम्मेदारी
विशेषज्ञ मानते हैं कि चारधाम यात्रा, मानसून, शहरी विकास, शिक्षा सुधार और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अगले कुछ महीने उत्तराखंड सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यही कारण है कि शासन ने कई अधिकारियों को नई रणनीतिक जिम्मेदारियां देकर पूरी प्रशासनिक संरचना को नए तरीके से व्यवस्थित किया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए अधिकारी अपनी नई भूमिकाओं में किस तरह काम करते हैं और सरकार की प्राथमिकताओं को जमीन पर कितना प्रभावी तरीके से लागू कर पाते हैं।
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