संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS Cadre Allocation 2026 आखिरकार जारी कर दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा 1 जून 2026 को जारी इस सूची के बाद देशभर के प्रशासनिक गलियारों, UPSC अभ्यर्थियों और कोचिंग संस्थानों में चर्चा तेज हो गई है। इस बार की सूची कई कारणों से खास मानी जा रही है। एक तरफ बड़े राज्यों को बड़ी संख्या में IPS अधिकारी मिले हैं तो वहीं कई छोटे राज्यों और संवेदनशील क्षेत्रों को सीमित लेकिन महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है। उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्यों और AGMUT कैडर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा देखने को मिल रही है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार IPS Cadre Allocation 2026 भारतीय पुलिस सेवा (Cadre) Rules, 1954 के तहत किया गया है। इसमें General, OBC, SC और ST श्रेणी के चयनित उम्मीदवारों को विभिन्न राज्यों और संयुक्त कैडरों में नियुक्ति दी गई है। इस बार कुल 147 IPS अधिकारियों का कैडर आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कम रिक्तियों के कारण इस बार प्रतिस्पर्धा और अधिक कठिन रही।
उत्तर प्रदेश बना सबसे बड़ा केंद्र
इस बार उत्तर प्रदेश सबसे अधिक चर्चा में रहा। राज्य को सबसे ज्यादा IPS अधिकारी मिले हैं। IPS Cadre Allocation 2026 सूची के अनुसार लगभग 14 अधिकारियों को उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। इनमें कई टॉप रैंकर्स भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा पुलिस प्रशासनिक ढांचा रखने वाला राज्य माना जाता है। यहां कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, चुनावी सुरक्षा और संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी IPS अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश कैडर पाने वालों में प्रणय मित्तल, उत्कर्ष पाठक, शिवम सिंह और कुनाल यादव जैसे नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। कई बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को भी यूपी कैडर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ने इंटर-स्टेट बैलेंस को प्राथमिकता दी है।
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को भी बड़ी संख्या में अधिकारी
महाराष्ट्र को इस बार लगभग 10 IPS अधिकारी मिले हैं। राज्य में विवेक शिंदे, विवेक गर्ग और सक्शी नागर जैसे अधिकारियों को कैडर आवंटित किया गया है। महाराष्ट्र को हमेशा से प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण कैडर माना जाता है क्योंकि मुंबई जैसे बड़े महानगर की सुरक्षा व्यवस्था देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
वहीं आंध्र प्रदेश को लगभग 14 अधिकारियों का आवंटन हुआ है। राज्य में कई बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को भी पोस्टिंग दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत के राज्यों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए इस बार व्यापक स्तर पर इंटर-कैडर आवंटन किया गया है।

उत्तराखंड कैडर भी बना चर्चा का विषय
इस बार उत्तराखंड कैडर को लेकर भी व्यापक चर्चा देखने को मिली। सूची के अनुसार उत्तराखंड कैडर 2 अधिकारियों को आवंटित किया गया है। इनमें अनुज पंत और रैंक 156 वाले अधिकारी का नाम शामिल है। पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड कैडर को हमेशा संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, सीमांत सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाएं और पर्यटन सीजन के दौरान कानून व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में नए IPS अधिकारियों की नियुक्ति को राज्य की प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा उत्तराखंड मूल के कुछ उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश जैसे बाहरी कैडर भी मिले हैं। इससे यह साफ है कि राज्य के युवा अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में भी बड़ा आवंटन
पश्चिम बंगाल को इस बार लगभग 11 IPS अधिकारी मिले हैं। राज्य में कई जनरल और OBC श्रेणी के उम्मीदवारों को तैनात किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश को करीब 9 अधिकारियों का आवंटन हुआ है।
तमिलनाडु को लगभग 7 अधिकारी मिले हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में तमिलनाडु कैडर को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद मजबूत माना जाता है। यहां नियुक्त अधिकारियों को कानून व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक और शहरी सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।
बिहार, पंजाब और राजस्थान को भी मिला प्रतिनिधित्व
बिहार को इस बार लगभग 7 IPS अधिकारी मिले हैं। वहीं पंजाब को करीब 4 अधिकारियों का कैडर आवंटन हुआ है। पंजाब में सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी जैसी चुनौतियों के कारण IPS अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राजस्थान को लगभग 5 अधिकारियों का आवंटन हुआ है। राज्य में सीमावर्ती जिलों और पर्यटन क्षेत्रों की सुरक्षा को देखते हुए नए अधिकारियों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बढ़ी तैनाती
इस बार असम-मेघालय कैडर को लगभग 10 अधिकारी मिले हैं। नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी नए IPS अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए वहां सक्षम अधिकारियों की तैनाती केंद्र सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई टॉप रैंकर्स को भी पूर्वोत्तर राज्यों के कैडर दिए गए हैं ताकि वहां प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत किया जा सके।
AGMUT कैडर फिर बना आकर्षण का केंद्र
दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करने वाला AGMUT कैडर इस बार भी चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। कई उम्मीदवारों को AGMUT कैडर आवंटित किया गया है। इसे देश के सबसे प्रभावशाली कैडरों में गिना जाता है क्योंकि यहां तैनात अधिकारी सीधे राष्ट्रीय राजधानी और संवेदनशील केंद्र शासित प्रदेशों में काम करते हैं।
UPSC अभ्यर्थियों के बीच AGMUT कैडर हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है क्योंकि यहां अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का व्यापक अनुभव मिलता है।
क्यों महत्वपूर्ण होता है IPS Cadre Allocation 2026
IPS अधिकारी का पूरा प्रशासनिक करियर उसके कैडर पर निर्भर करता है। जिस राज्य का कैडर मिलता है अधिकारी को वहीं लंबे समय तक सेवा देनी होती है। यही अधिकारी आगे चलकर SSP, DIG, IG, ADG और DGP जैसे बड़े पदों तक पहुंचते हैं। कई अधिकारी बाद में CBI, NIA, RAW और IB जैसी केंद्रीय एजेंसियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।
कैडर आवंटन में होम स्टेट, श्रेणी, रैंक, कैडर नीति और उपलब्ध रिक्तियों जैसे कई कारक काम करते हैं। यही वजह है कि UPSC परिणाम के बाद अभ्यर्थियों की सबसे ज्यादा उत्सुकता कैडर अलॉटमेंट को लेकर रहती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई पूरी सूची
IPS Cadre Allocation 2026 सूची जारी होते ही यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। अभ्यर्थियों ने अपने पसंदीदा कैडर और होम स्टेट को लेकर चर्चा शुरू कर दी। कई लोगों ने इसे “ड्रीम कैडर लिस्ट” तक बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यही युवा अधिकारी देश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की कमान संभालेंगे। कई नाम भविष्य में बड़े पुलिस अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख के रूप में भी उभर सकते हैं।
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