राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिले मुख्यमंत्री धामी—नववर्ष 2026 के पहले दिन उत्तराखंड के प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व ने सकारात्मक संदेश के साथ वर्ष की शुरुआत की। गुरुवार को लोक भवन देहरादून में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री को नए वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभेच्छा व्यक्त की।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याण और सुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक और सार्थक संवाद हुआ। दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वर्ष 2026 उत्तराखंड के लिए नीतिगत मजबूती, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसेवा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला वर्ष सिद्ध हो सकता है।
नववर्ष 2026 पर शासन-प्रशासन का सकारात्मक संदेश

राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिले मुख्यमंत्री धामी—यह मुलाकात केवल औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें उत्तराखंड के विकास मॉडल, प्रशासनिक सुधारों और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था पर गहन विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में सुशासन को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि प्रशासनिक तंत्र की मजबूती से ही जनविश्वास सुदृढ़ होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राज्यपाल को अवगत कराया कि राज्य सरकार वर्ष 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, पर्यटन, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को केवल योजनाओं तक सीमित न रखते हुए उसे धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है।
युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रहा भजन क्लबिंग ट्रेंड, क्लब वाइब में सनातन वाला भाव
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने भी राज्यपाल से भेंट कर उन्हें नववर्ष 2026 की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्यपाल का मार्गदर्शन प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र और नीति-निर्माण प्रक्रिया के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यपाल के अनुभव और नेतृत्व से प्रदेश को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों और कुलपतियों ने भी की भेंट

मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री की भेंट के उपरांत राज्यपाल से प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, आईटीबीपी के अधिकारियों तथा लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिले मुख्यमंत्री धामी—इस अवसर ने यह स्पष्ट किया कि शासन के साथ-साथ प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थान भी प्रदेश की प्रगति में समान भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और समर्पित सेवाभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का प्रशासनिक ढांचा तभी मजबूत होता है जब अधिकारी ईमानदारी, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दें।
सुशासन और सतत विकास पर राज्यपाल का फोकस

राज्यपाल ने अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन केवल नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की समस्याओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से हल करने की संस्कृति का नाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से वर्ष 2026 उत्तराखंड को प्रगति, स्थिरता और जनकल्याण की नई दिशा प्रदान करेगा।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य में सतत विकास की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के बिना दीर्घकालिक विकास संभव नहीं है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (PCCF) श्री रंजन कुमार मिश्र सहित वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारीगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस अवसर को प्रशासनिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
अधिकारियों ने राज्यपाल के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नववर्ष 2026: उम्मीदों और संकल्पों का वर्ष
राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिले मुख्यमंत्री धामी—यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से यह दर्शाती है कि वर्ष 2026 में उत्तराखंड का शासन-प्रशासन एकजुट होकर विकास, सुशासन और जनकल्याण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ेगा।
राजनीतिक नेतृत्व, प्रशासनिक तंत्र और शैक्षणिक-सुरक्षा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से राज्य में स्थिरता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। नववर्ष के पहले दिन दिया गया यह सकारात्मक संदेश प्रदेशवासियों के लिए भरोसे और आशा का संकेत माना जा रहा है।