विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण पर एकदिवसीय कार्यक्रम सम्पन्न

महिला कल्याण विभाग ने केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के निर्देशानुसार National Adoption Awareness Month–November 2025 के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया।
इस वर्ष का केंद्र बिंदु था—विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों यानी दिव्यांग बच्चों का गैर-संस्थागत पुनर्वास

यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग सभागार, आकाशवाणी केंद्र (रिस्पना के निकट) में आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर की विभिन्न बाल संरक्षण इकाइयों ने सहभागिता की।


मुख्य अतिथि की उपस्थिति और प्रमुख घोषणाएँ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सहभागिता की।
उनके करकमलों से फोस्टर केयर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रचार-प्रसार हेतु नई आईईसी सामग्री और पोस्टर का अनावरण किया गया।

मंत्री ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की कानूनी सरलता और पारदर्शिता को लेकर व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।


भारत में दत्तक ग्रहण: कानूनी ढांचा और सामाजिक संदेश

किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत अनाथ, परित्यक्त एवं निराश्रित बच्चों को कानूनी रूप से दत्तक देने की प्रक्रिया CARA की निगरानी में संचालित होती है।

हर वर्ष की तरह, इस बार भी कार्यक्रम का उद्देश्य दत्तक ग्रहण की पारदर्शी प्रक्रियाओं के बारे में समाज में जानकारी बढ़ाना और अधिक से अधिक परिवारों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।


दत्तक ग्रहण करने वाले परिवारों की उपस्थिति और अनुभव

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि CARA के माध्यम से दत्तक ग्रहण करने वाले 6 परिवार और 4 संभावित दत्तक ग्रहण करने वाले परिवार भी उपस्थित रहे।
इन परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित लोगों ने दत्तक ग्रहण की वास्तविक प्रक्रिया, चुनौतियों और भावनात्मक जुड़ाव को निकटता से समझा।


विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का दत्तक ग्रहण: वर्तमान स्थिति

CARA के माध्यम से वर्ष 2016 से अब तक 185 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है, जिनमें:
• देश में — 156
• विदेश में — 29

इनमें से 9 बच्चे विशेष आवश्यकता (दिव्यांग श्रेणी) के हैं:
• 8 बच्चे विदेश में
• 1 बच्चा देश में दत्तक दिया गया

यह आंकड़ा बताता है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति दत्तक ग्रहण की जागरूकता लगातार बढ़ रही है, पर अभी और संवेदनशील प्रयासों की आवश्यकता है।


विशेषज्ञ सत्र और सहभागिता

सत्रों में दत्तक ग्रहण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट उत्तर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समितियों, किशोर न्याय बोर्ड, जिला प्रोबेशन अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों और चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधियों ने व्यापक सहभागिता की।

इसके अलावा, बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।


अधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे—
• सचिव चंदेश यादव
• निदेशक बंशी लाल राणा
• मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता
• उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी राजीव नयन
साथ ही विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

दत्तक ग्रहण से संबंधित सहायता और जानकारी के लिए बच्चे के संरक्षण से जुड़े किसी भी परिवार या इच्छुक दम्पति द्वारा जिला प्रोबेशन कार्यालय, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
यह पहल सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा अपनी पहचान और भविष्य से वंचित न रहे, और हर परिवार एक नए जीवन की ऊर्जा बन सके।

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