हरिद्वार | सावन के पावन अवसर पर कांवड़ मेले में जहां एक ओर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा है, वहीं दूसरी ओर हरिद्वार पुलिस अपनी संवेदनशीलता और तत्परता से दिलों को छू रही है। ताजा मामला एक मासूम बच्ची का है, जो भारी भीड़ में अपनी माँ से बिछड़ गई थी।
घटना के वक्त बच्ची बुरी तरह सहमी हुई थी और ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। जब ये नज़ारा हरिद्वार पुलिस की महिला टीम ने देखा, तो तुरंत बच्ची को सुरक्षा में लिया और प्यार से समझाया। वहीं, दूसरी ओर माँ भी पगलाई सी बच्ची को ढूंढ रही थी।
हरिद्वार पुलिस ने तुरंत अपने ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ तंत्र को सक्रिय किया। मेला कंट्रोल रूम से अनाउंसमेंट कराए गए, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्ची की तस्वीरें डाली गईं। कुछ ही समय में माँ की पहचान हुई और उसे मेला परिसर में बुलाया गया।
जब माँ ने बच्ची को देखा तो उसकी आँखें भर आईं, और बच्ची दौड़कर उसकी गोद में समा गई। वहाँ मौजूद लोगों की आँखें भी इस भावुक मिलन को देख नम हो उठीं। पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी राहत और संतोष की झलक साफ दिखी।
हरिद्वार पुलिस का यह कार्य न केवल प्रशासनिक सफलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील और मानवीय दिल धड़कता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान अब तक कई ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं, जहाँ हरिद्वार पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है — चाहे वो बिछड़ों को मिलाना हो, मेडिकल सहायता देना हो, या महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
हरिद्वार में शिवभक्तों की जयकार के साथ-साथ, पुलिस के इस ‘मानवीय चेहरों’ की भी सराहना हो रही है।