संसद के मानसून सत्र के दौरान आज उस समय माहौल गरमा गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद गोगोई पर तीखा हमला बोला। बहस के दौरान शाह ने गोगोई पर पाकिस्तान जाने के आरोप लगाए, जिससे सदन में हंगामा खड़ा हो गया।

शाह ने सीधे गोगोई से पूछा,
“गोगोई, आप पाकिस्तान कई बार जा चुके हैं। क्या आप सीमा पार कर चुके हैं? क्या आप समझते हैं कि हमारे सैनिक क्या झेलते हैं?”
शाह का यह बयान सुनते ही कांग्रेस सांसद गोगोई ने जोर से विरोध दर्ज किया और सदन में शोरगुल मच गया।
गृह मंत्री ने अपना आरोप दोहराते हुए कहा,
“मैं दोहरा रहा हूं, गोगोई पाकिस्तान कई बार गए हैं। ये रिकॉर्ड पर है।”
इसके बाद शाह ने भारत-चीन युद्ध 1962 की घटना को याद दिलाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू पर भी हमला बोला।
“1962 में जब चीन से युद्ध हुआ, तब प्रधानमंत्री नेहरू ने आकाशवाणी पर असम को अलविदा कह दिया था। इसकी रिकॉर्डिंग आज भी उपलब्ध है।”
शाह ने इस बयान के जरिए कांग्रेस पर राष्ट्र सुरक्षा को लेकर कमजोर नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को सेना और सीमा की वास्तविकता का अंदाजा नहीं है, जबकि आज के भारत में सैनिकों का सम्मान सर्वोपरि है।
भाजपा सांसदों ने अमित शाह के बयान का समर्थन किया, वहीं विपक्ष ने इसे असंसदीय और भटकाने वाला बताया। कांग्रेस ने कहा कि अमित शाह जानबूझकर व्यक्तिगत हमलों से असल मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
हालांकि गृह मंत्री शाह का रुख अडिग रहा और उन्होंने कहा कि
“सैनिकों की शहादत पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन जो पाकिस्तान जाकर उसकी भाषा बोलते हैं, उन्हें जवाब तो देना ही होगा।”
संसद में आज का दिन स्पष्ट रूप से सरकार और विपक्ष के बीच तल्खी का गवाह बना, और अब यह देखना बाकी है कि गोगोई या कांग्रेस की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।