झालावाड़ हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार अब बच्चों और आमजन की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री ने शासकीय आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को आदेश दिए कि प्रदेश के सभी स्कूल भवनों और शौचालयों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्कूल भवनों की हालत जर्जर है, वहां बच्चों को एक पल भी बैठाया न जाए। ज़रूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, लेकिन जान के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
इसी के साथ सभी पुलों का भी सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। जिन पुलों की स्थिति खराब है, उनकी तुरंत मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सुरक्षा मानकों में कोई भी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस निर्देश के बाद ज़िलों के डीएम और पीडब्ल्यूडी विभागों को सतर्क कर दिया गया है। सरकार का फोकस अब ‘सुरक्षा पहले’ के सिद्धांत पर है, खासकर बच्चों और आम नागरिकों के हित में।