🗓️ उत्तरकाशी, 31 अक्तूबर 2025
महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रोबेशन कार्यालय की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दी सख्त चेतावनी — पोषण ट्रैकर एप में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, महिला पेंशन पंजीकरण के लिए ग्राम सभाओं में कैंप लगाने के निर्देश।
🔹 योजनाओं के क्रियान्वयन पर जिलाधिकारी की कड़ी निगरानी
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी की एक अहम समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि योजनाओं की सफलता का आधार पारदर्शिता और डेटा की सटीकता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी को अपने स्तर पर 100% ईमानदारी से कार्य करना होगा।
🔹 पोषण ट्रैकर एप पर असंतोष, लापरवाही पर वेतन रोके जाने की चेतावनी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने “पोषण ट्रैकर एप” की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ विकासखंडों में पंजीकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है, विशेष रूप से पुरोला ब्लॉक में।
डीएम ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों की उपस्थिति, पोषण स्थिति और सेवा वितरण से संबंधित डेटा को दैनिक रूप से और पूरी सटीकता से दर्ज करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“यदि पंजीकरण में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी माह से संबंधित कर्मियों का वेतन रोक दिया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत डेटा स्वीकार्य नहीं होगा।”
🔹 महिलाओं की पेंशन के लिए खुलेगी ग्राम सभाएं
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि वे पंचायती राज विभाग से समन्वय कर महिलाओं की पेंशन योजनाओं के लिए ग्राम सभाओं में कैंप आयोजित करें।
उन्होंने कहा कि 15 नवंबर तक विधवा महिलाओं, परित्यक्ताओं, मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों की पत्नियों और 40 से 59 वर्ष की अविवाहित महिलाओं के पेंशन पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाए।
साथ ही, इन पंजीकरणों को सीएससी केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
🔹 अधिकारी हुए शामिल
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी यशोदा बिष्ट और जिला प्रोबेशन अधिकारी शोएब हुसैन उपस्थित रहे।
डीएम ने दोनों विभागों को निर्देशित किया कि वे आगामी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और सुनिश्चित करें कि सभी लक्ष्य तय समयसीमा में पूरे हों।
📢 प्रशासन का सख्त संदेश
उत्तरकाशी प्रशासन का यह सख्त रुख यह संदेश देता है कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। पोषण ट्रैकर एप जैसी तकनीकें न सिर्फ पारदर्शिता लाती हैं, बल्कि ये यह भी सुनिश्चित करती हैं कि सरकारी लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचे।