उत्तरकाशी, 27 अक्टूबर 2026। उत्तरकाशी में आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR), ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) और मतदाता सूची में दर्ज विवरणों को दुरुस्त करने के लिए संचालित विशेष ड्राइव की प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी कार्यों में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी और आपसी समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) की तैनाती सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन के दौरान पात्र मतदाताओं की सही जानकारी दर्ज करने में सहयोग मिल सके।
ईवीएम की जांच और एफएलसी कार्यों की समीक्षा
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एफएलसी के अंतर्गत ईवीएम की जांच और उससे संबंधित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने ईवीएम वेयरहाउस पहुंचकर एफएलसी प्रक्रिया का निरीक्षण भी किया।
निर्वाचन प्रक्रिया में ईवीएम की जांच महत्वपूर्ण चरण है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में निर्वाचन से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा करने के साथ राजनीतिक दलों से भी सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई।
मतदाता सूची की त्रुटियां सुधारने के लिए विशेष ड्राइव

जिलाधिकारी ने मतदाता सूची में दर्ज नाम, पिता या पति के नाम, लिंग और अन्य व्यक्तिगत विवरणों में मौजूद त्रुटियों को ठीक कराने के लिए संचालित विशेष ड्राइव में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए। इससे मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
बैठक के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता बूथों के नाम परिवर्तन से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी भी प्रतिनिधियों को दी गई।
12 नवंबर को प्रकाशित होगा मतदाता सूची का प्रारूप
बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण तिथियां बताईं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का एकीकृत प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इन तिथियों के मद्देनजर पुनरीक्षण प्रक्रिया में मतदाताओं, निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तिगत विवरणों की जांच और त्रुटियों को समय पर सामने लाने से पुनरीक्षण प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
बैठक में राजनीतिक दलों और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में भाजपा की ओर से हरीश डंगवाल और जयचंद रावत, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल तथा कांग्रेस की ओर से जीतम रावत और सुधीश पंवार सहित अन्य राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा बैठक में शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, ईवीएम की जांच और विशेष ड्राइव से जुड़े कार्यों को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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