महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता को लेकर देहरादून में आयोजित “झांसी ऑन व्हील्स 2.0 – वूमेन बाइक रैली सीजन 2” ने शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लेकर यह संदेश दिया कि आज की नारी केवल घर तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में नेतृत्व करने और बदलाव लाने की क्षमता भी रखती है। देहरादून के पैसिफिक मॉल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक बाइक रैली नहीं था, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने का एक बड़ा अभियान बनकर सामने आया।

कार्यक्रम का आयोजन तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट के 5 वर्ष पूर्ण होने और फाउंडर्स डे सेलिब्रेशन के अवसर पर किया गया। इस मौके पर सामाजिक क्षेत्र, राजनीति और जनसेवा से जुड़े कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, समाजसेवी मोंटी कोहली, पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद, रजत शक्ति और देविका सिंह तिवारी द्वारा किया गया। आयोजन की कमान तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक प्रिया गुलाटी ने संभाली, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को महिला जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के मंच में बदल दिया।
झांसी ऑन व्हील्स 2.0 बाइक रैली
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं और युवतियों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखे बैनर लेकर बाइक रैली में हिस्सा लिया। रैली के दौरान महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। शहर की सड़कों पर महिलाओं की यह संगठित उपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को यह संदेश देना था कि वे खुद को कमजोर न समझें और हर परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की असली पहचान वहां की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से होती है। उन्होंने कहा कि तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है और ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने “झांसी ऑन व्हील्स” जैसी पहलों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
समाजसेवी मोंटी कोहली ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और ऐसे आयोजन उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देते हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उनके अनुसार महिलाओं की भागीदारी जितनी अधिक बढ़ेगी, समाज उतना ही मजबूत और संतुलित बनेगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके वक्तव्य का जोरदार समर्थन किया।
पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साहस और शक्ति को सम्मान देने के लिए इस तरह के आयोजनों की आज बेहद आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाइक रैली केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह समाज को यह दिखाने का माध्यम थी कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
रजत शक्ति ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं और महिलाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और बदलते सामाजिक माहौल के बीच महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने इस पहल को प्रेरणादायक और समाज को जोड़ने वाला अभियान बताया।
देविका सिंह तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में महिला सुरक्षा सबसे बड़ा सामाजिक मुद्दा बन चुका है और इस दिशा में जागरूकता फैलाने की जरूरत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “झांसी ऑन व्हील्स 2.0” ने महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं एकजुट होकर अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर आवाज उठाती हैं, तब समाज में बदलाव की शुरुआत होती है।
आयोजक प्रिया गुलाटी ने कहा कि तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट पिछले पांच वर्षों से महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि “झांसी ऑन व्हील्स 2.0” का मकसद महिलाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे अपने जीवन के हर क्षेत्र में बिना डर आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और महिला सुरक्षा से जुड़े जागरूकता संदेशों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। आयोजन स्थल पर मौजूद युवाओं और परिवारों ने भी इस पहल की सराहना की। कई महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें आत्मविश्वास देते हैं और समाज में अपनी भूमिका को लेकर नई सोच विकसित करते हैं। बाइक रैली में शामिल प्रतिभागियों ने सुरक्षित ड्राइविंग, महिला सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प भी लिया।
हम चल पड़ी हैं, अब कोई रोक नहीं सकता, झांसी ऑन व्हील्स में दमदारी से गूंजी नारीशक्ति की गूंज
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर इस तरह के सार्वजनिक अभियान समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। उत्तराखंड जैसे राज्य में जहां महिलाएं शिक्षा, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं, वहां इस तरह के आयोजन महिलाओं की भागीदारी और जागरूकता को नई दिशा दे सकते हैं। “झांसी ऑन व्हील्स 2.0” ने यह साबित कर दिया कि जब महिलाएं एकजुट होकर किसी उद्देश्य के लिए आगे आती हैं, तो उसका प्रभाव केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता बल्कि समाज में व्यापक संदेश छोड़ता है।
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