होमगार्ड्स वर्दी घोटाला: टेंडर में अनियमितता, डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित

उत्तराखंड में सरकारी खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं अब मामला होमगार्ड्स वर्दी घोटाला से जुड़ा है। होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद से जुड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप पाए गए हैं। इस प्रकरण में निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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होमगार्ड्स वर्दी घोटाला टेंडर गड़बड़ी में डिप्टी कमांडेंट निलंबित


🧾 किस अवधि से जुड़ा है होमगार्ड्स वर्दी घोटाला?

यह होमगार्ड्स वर्दी घोटाला वित्तीय वर्ष 2024–25 और 2025–26 के दौरान वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से संबंधित है।
इसी अवधि में जारी किए गए टेंडरों को लेकर यह आरोप सामने आए कि:

  • निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया
  • टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा
  • वित्तीय मापदंडों की अनदेखी कर खरीद को आगे बढ़ाया गया

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में छोटी चूक भी बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है।


📑 शासन को भेजी गई रिपोर्ट में क्या सामने आया?

महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं।
रिपोर्ट के अनुसार:

  • निविदा प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ
  • खरीद से पहले आवश्यक वित्तीय परीक्षण नहीं किए गए
  • प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया कमजोर रही

इन बिंदुओं के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मामला केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि संभावित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा हो सकता है।


🕵️ जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित

घोटाले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच समिति के गठन के निर्देश दिए गए हैं।
यह समिति पूरे मामले की:

  • टेंडर प्रक्रिया
  • वित्तीय लेनदेन
  • संबंधित अधिकारियों की भूमिका

की विस्तृत जांच करेगी।
सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहेगा।


👮‍♂️ कौन हैं निलंबित अधिकारी?

निलंबित अधिकारी अमिताभ श्रीवास्तव, होमगार्ड्स विभाग में निदेशक / डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे।
वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े निर्णयों में उनकी भूमिका को लेकर रिपोर्ट में गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।


मुख्यमंत्री का रुख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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📌 क्यों महत्वपूर्ण है होमगार्ड्स वर्दी घोटाला?

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि:

  • यह सरकारी टेंडर सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करता है
  • अनुशासित बल से जुड़े विभाग में अनियमितता का आरोप गंभीर है
  • इससे भविष्य में अन्य विभागों की खरीद प्रक्रियाओं की भी जांच का रास्ता खुल सकता है

होमगार्ड्स वर्दी घोटाला केवल एक विभागीय मामला नहीं, बल्कि सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर सीधा सवाल है।
अब सबकी निगाहें संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह मामला लापरवाही था या सुनियोजित भ्रष्टाचार

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