⛩️ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, ‘जीरो लापरवाही’ के निर्देश के साथ प्रशासन एक्शन मोड में
उत्तरकाशी, 26 जनवरी 2026।
आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और बाधा-रहित बनाने के लिए उत्तरकाशी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को ताबड़तोड़ निरीक्षण कर स्पष्ट संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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एक तरफ जहां उन्होंने आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सिस्टम की रियल-टाइम तैयारी परखी, वहीं दूसरी ओर देर शाम गंगोत्री हाईवे के अति-संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जायजा लिया।
🛰️ आपदा कंट्रोल रूम में ‘सरप्राइज विजिट’: रिस्पांस टाइम हो न्यूनतम
चारधाम यात्रा 2026 से पहले जिलाधिकारी प्रशांत आर्य सबसे पहले जिला आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां उन्होंने सूचना तंत्र, संचार व्यवस्था और कर्मचारियों की तत्परता की गहन समीक्षा की।
DM के सख्त निर्देश:
- 📡 24×7 एक्टिव मोड: वायरलेस सेट सहित सभी संचार उपकरण चौबीसों घंटे क्रियाशील रहें
- 🌦️ रियल-टाइम अपडेट: मौसम की सटीक जानकारी और मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तुरंत साझा हो
- 💻 डिजिटल मॉनिटरिंग: कंट्रोल रूम के डिजिटल सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ किया जाए
- ⏱️ शून्य लापरवाही: किसी भी आपात स्थिति में Response Time न्यूनतम रखा जाए
DM ने साफ शब्दों में कहा कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान कंट्रोल रूम प्रशासन की रीढ़ है और यहां किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
🏔️ देर शाम ग्राउंड जीरो पर DM: गंगोत्री हाईवे के डेंजर जोन का निरीक्षण

ऑफिस समय के बाद भी जिलाधिकारी का दौरा नहीं रुका। वे देर शाम गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बंदरकोट और रतूड़ीसेरा जैसे अति-संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों (Landslide Zones) में पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा किए जा रहे सुरक्षा कार्यों की प्रगति को मौके पर परखा गया।
BRO को स्पष्ट डेडलाइन:
- 🛣️ चारधाम यात्रा 2026 से पहले सभी सुरक्षा कार्य पूरे हों
- 🚧 निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों के आवागमन में परेशानी न हो
- ⚠️ अन्य संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर समय रहते सुरक्षात्मक कार्यवाही की जाए
DM ने कहा कि गंगोत्री हाईवे चारधाम यात्रा 2026 की लाइफलाइन है और इसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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👥 निरीक्षण में कौन-कौन रहे मौजूद?
इस दौरान जिलाधिकारी के साथ
- BRO कमांडर राजकिशोर
- जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) शार्दूल गुसाईं
मौजूद रहे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
DM प्रशांत आर्य की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि प्रशासन इस बार चारधाम यात्रा को केवल परंपरागत तरीके से नहीं, बल्कि आधुनिक आपदा प्रबंधन, डिजिटल मॉनिटरिंग और ग्राउंड-लेवल निरीक्षण के जरिए संचालित करना चाहता है।
कंट्रोल रूम से लेकर भूस्खलन जोन तक प्रशासन की मौजूदगी बताती है कि लक्ष्य स्पष्ट है—
👉 जीरो कैजुअल्टी और बाधा-रहित चारधाम यात्रा 2026।

