हरिद्वार, 16 सितंबर 2026। कुंभ मेला-2027 को देखते हुए हरिद्वार में श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम पैदल आवागमन के लिए पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं। हरकी पैड़ी को केंद्र में रखते हुए प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक पैदल संपर्क बेहतर बनाने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मां मंसा देवी मार्ग तक करीब 6,500 मीटर लंबा फुटपाथ विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 7.84 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इस योजना का उद्देश्य केवल कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करना नहीं है, बल्कि हरिद्वार में लंबे समय के लिए बेहतर पैदल यातायात व्यवस्था तैयार करना भी है। योजना में रेज्ड फुटपाथ, पेव्ड शोल्डर्स, सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण, नालियों का निर्माण, हरित क्षेत्र और सड़क सुधार जैसे कई कार्य शामिल हैं।
कुंभ 2027 में पैदल यात्रियों पर विशेष ध्यान
कुंभ मेला दुनिया के बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है और इसके दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में धार्मिक स्थलों के बीच पैदल आवाजाही को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है।
हरकी पैड़ी से आसपास के मंदिरों और धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल पहुंचते हैं। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में पैदल मार्गों के विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं।
भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मां मंसा देवी मार्ग तक 6.5 किलोमीटर फुटपाथ

सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मां मंसा देवी मार्ग तक लगभग 6,500 मीटर लंबे पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ का निर्माण शामिल है।
इस परियोजना के लिए 7.84 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। योजना का संचालन पीआईयू, लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जा रहा है।
इस मार्ग पर रेज्ड फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सड़क पर वाहनों के बीच चलने की आवश्यकता कम हो और उनके लिए अलग एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही मार्ग के आसपास लंबे समय से जमा मलबे को हटाने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध स्थान को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
रेलवे अंडरपास की ओर जाने वाले क्षेत्र में भी सुधार
परियोजना में भगत सिंह चौक से रेलवे अंडरपास की ओर जाने वाले क्षेत्र में आवश्यक सुधार कार्य भी प्रस्तावित हैं।
मार्ग को बेहतर स्वरूप देने के लिए उपयुक्त स्थानों पर ग्रीन प्लांटर एरिया विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पैदल आवागमन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
इस तरह फुटपाथ परियोजना को केवल पैदल चलने की सुविधा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि मार्ग के समग्र सुधार का हिस्सा बनाया गया है।
बिल्केश्वर मंदिर मार्ग पर पेव्ड शोल्डर्स और सुरक्षा दीवारों का काम
बिल्केश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग को भी परियोजना में शामिल किया गया है। यहां सड़क के दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स विकसित किए जाएंगे।
इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में आवश्यक सुधार किए जाने से श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन को अधिक व्यवस्थित करने का लक्ष्य है।
मां मंसा देवी मार्ग के सुधारीकरण का कार्य भी योजना में शामिल है। इसके अलावा केसी नालियों का निर्माण और मार्ग के विस्तारित किए जा रहे हिस्सों में सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
तिराहे पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव

फुटपाथ विकास योजना में केवल पैदल यात्रियों की सुविधा ही नहीं, बल्कि वाहनों के आवागमन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।
रेलवे अंडरपास के समीप स्थित तिराहे की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए रेलवे विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद बनी सहमति के अनुसार यहां साइड की दीवार को कुछ पीछे करते हुए निर्माण किया जाएगा।
इससे तिराहे पर मार्ग की चौड़ाई बढ़ने की उम्मीद है। इससे वाहनों को आवागमन और मोड़ लेने में सुविधा मिल सकेगी।
इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पैदल और वाहन यातायात दोनों को ध्यान में रखकर मार्ग का विकास किया जा रहा है।
बिल्केश्वर और मां मंसा देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
बिल्केश्वर और मां मंसा देवी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुंभ के दौरान हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इन धार्मिक स्थलों की ओर जाने की संभावना रहती है।
ऐसे में इन मार्गों पर पैदल आवागमन को व्यवस्थित करना जरूरी हो जाता है।
फुटपाथ बनने के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित और बेहतर विकसित पैदल स्थान उपलब्ध होगा। इससे सड़क पर पैदल चलने और वाहनों के साथ सीधे संपर्क की स्थिति कम करने में मदद मिल सकती है।
कुंभ के बाद भी काम आएगा नया पैदल ढांचा
इस परियोजना का लाभ केवल कुंभ मेला-2027 तक सीमित रहने वाला नहीं है। हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहर है, जहां पूरे वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।
ऐसे में स्थायी पैदल मार्ग विकसित होने से सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को लाभ मिल सकता है।
कुंभ के दौरान विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं का उपयोग भविष्य में भी शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। खासतौर पर धार्मिक स्थलों के आसपास पैदल यात्रियों के लिए अलग स्थान होने से यातायात को व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है।
केवल एक मार्ग नहीं, दूसरे क्षेत्रों में भी फुटपाथ विकास
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं।
इसका व्यापक उद्देश्य शहर में पैदल आवागमन को बेहतर आधारभूत सुविधा से जोड़ना है। कुंभ जैसे बड़े आयोजन में जहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं, वहां पैदल मार्गों की उपलब्धता यातायात प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।
हरकी पैड़ी को केंद्र में रखते हुए धार्मिक स्थलों तक बेहतर पैदल संपर्क विकसित करना इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
फुटपाथ के साथ सफाई और सौंदर्यीकरण पर भी जोर
परियोजना में मलबा हटाने और ग्रीन प्लांटर एरिया विकसित करने जैसे कार्य भी शामिल किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि फुटपाथ निर्माण के साथ आसपास के क्षेत्र को भी व्यवस्थित करने की योजना है।
स्वच्छ और व्यवस्थित पैदल मार्ग श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ शहर की समग्र छवि पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
विशेष रूप से कुंभ जैसे आयोजन में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्तों की साफ-सफाई, सुरक्षा और स्पष्ट आवागमन व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
सुरक्षित पैदल आवागमन क्यों है जरूरी?
बड़े धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं का एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैदल जाना सामान्य बात है। जब पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए एक ही मार्ग का उपयोग होता है तो भीड़ के समय यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
अलग और व्यवस्थित फुटपाथ उपलब्ध होने से पैदल यात्रियों को अपेक्षाकृत स्पष्ट मार्ग मिल सकता है। साथ ही वाहनों के लिए उपलब्ध सड़क का उपयोग भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है।
कुंभ 2027 की तैयारियों में पैदल मार्गों को प्राथमिकता देना इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
योजना में शामिल प्रमुख कार्य
भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मां मंसा देवी मार्ग तक करीब 6,500 मीटर फुटपाथ परियोजना में प्रमुख रूप से ये कार्य शामिल हैं:
- रेज्ड फुटपाथ का निर्माण
- मार्ग के आसपास जमा मलबे को हटाना
- रेलवे अंडरपास की ओर जाने वाले क्षेत्र में सुधार
- ग्रीन प्लांटर एरिया का विकास
- बिल्केश्वर मंदिर मार्ग पर दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स
- क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण
- मां मंसा देवी मार्ग का सुधारीकरण
- केसी नालियों का निर्माण
- विस्तारित हिस्सों में सड़क निर्माण
- रेलवे अंडरपास के समीप तिराहे की यातायात व्यवस्था में सुधार
कुंभ 2027 की तैयारियों में एक और महत्वपूर्ण कदम
हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास पर लगातार काम चल रहा है। इसमें सड़कों, पुलों, यातायात व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है।
पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ इसी तैयारी का हिस्सा हैं। इनका लक्ष्य हरकी पैड़ी और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच पैदल संपर्क को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
6.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग और उससे जुड़े सुधार कार्यों पर 7.84 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ सामान्य दिनों में हरिद्वार आने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
कुंभ मेला-2027 के लिए हरिद्वार में तैयार किया जा रहा पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ शहर की यातायात और श्रद्धालु सुविधा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मां मंसा देवी मार्ग तक करीब 6.5 किलोमीटर क्षेत्र में होने वाले निर्माण के साथ सड़क, सुरक्षा, जल निकासी, हरित क्षेत्र और यातायात व्यवस्था से जुड़े कई सुधार किए जा रहे हैं।
इसका तत्काल उद्देश्य कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल संपर्क उपलब्ध कराना है, जबकि विकसित होने वाला यह आधारभूत ढांचा भविष्य में भी हरिद्वार के पैदल आवागमन को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकता है।
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