लहरिया उत्सव 2026: जयपुर में सैकड़ों महिलाओं ने घूमर से जीवंत की राजस्थानी संस्कृति, महिलाओं के आत्मविश्वास का बना भव्य मंच

जयपुर: राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रंग-बिरंगी लोक परंपराओं, लोक संगीत और पारंपरिक परिधानों के लिए पूरी दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के उद्देश्य से जयपुर के सोडाला स्थित नारायणगढ़ पैलेस में ‘लहरिया – राजस्थानी कल्चर इवेंट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। लहरिया उत्सव 2026 जयपुर केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह राजस्थान की परंपराओं, लोक संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का ऐसा उत्सव बना जिसने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को भावुक और गौरवान्वित कर दिया।

26 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक राजपूती और राजस्थानी परिधान पहनकर एक साथ घूमर और लोकगीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों, पारंपरिक आभूषणों और लोक संगीत की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंग दिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्ज्वलन से हुई। आयोजन के मुख्य संयोजक अभिनेत्री शिवानी पुरोहित और अभिनेता आर्यन माहेश्वरी ने गणमान्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

आयोजन के दौरान मंच पर राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। अतिथियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

शहर की कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

लहरिया उत्सव 2026

इस सांस्कृतिक आयोजन में समाज, मीडिया, कला और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। प्रमुख अतिथियों में आचार्य पुरुषोत्तम गौड़, जे. डी. माहेश्वरी, बसंत जैन, राज मीडिया टाइम्स ग्रुप के चीफ एडिटर नवल किशोर शर्मा, सुमित तिवारी, कौशल सोनी, उर्मिला जांगिड़, रमेश सैनी, एंकर वर्तिका जैन, मोहित टेलर, कविता शर्मा, दिग्विजय पारीक, नवदीप सिंह, डॉक्टर हिमांशु पारीक, लोक गायिका मीनाक्षी राठौड़, पूजा शर्मा और फोटोग्राफर गोविंद कुमावत सहित कई सम्मानित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को आयोजकों द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।

घूमर की प्रस्तुति ने बांधा समां

लहरिया उत्सव 2026 घूमर

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक क्षण वह रहा जब सैकड़ों महिलाओं ने एक साथ राजस्थानी लोकगीतों पर समूह में घूमर प्रस्तुत किया। लगभग 40 मिनट तक चली इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पारंपरिक लहंगे, ओढ़नी, राजस्थानी आभूषण और लोक संगीत की ताल पर महिलाओं की एकरूपता ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया मानो राजस्थान की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत जीवंत होकर मंच पर उतर आई हो।

दर्शकों ने प्रस्तुति के दौरान लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। सोशल मीडिया पर भी कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए, जिससे आयोजन को व्यापक सराहना मिली।

महीनों की तैयारी के बाद बनी यादगार प्रस्तुति

लहरिया उत्सव 2026

इतनी बड़ी समूह प्रस्तुति को सफल बनाने के पीछे कई सप्ताह तक चली मेहनत और अभ्यास रहा। स्थानीय कोरियोग्राफर्स गौतम पटवा, गीतिका ग्रोवर, मीनू शर्मा, कृतिका अग्रवाल और तनीशा पुरोहित ने विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।

प्रत्येक प्रतिभागी ने पारंपरिक नृत्य की बारीकियों, मंच संचालन और समूह समन्वय का अभ्यास किया, जिसका परिणाम कार्यक्रम के दौरान साफ दिखाई दिया। यही कारण रहा कि पूरी प्रस्तुति दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

संस्कृति के साथ महिला सशक्तिकरण का संदेश

लहरिया उत्सव 2026 विजेता

लहरिया उत्सव 2026 जयपुर केवल लोक संस्कृति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाला मंच भी बना।

विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने इस आयोजन में भाग लेकर यह संदेश दिया कि संस्कृति केवल विरासत नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी भी है। युवा प्रतिभागियों से लेकर वरिष्ठ महिलाओं तक सभी ने समान उत्साह के साथ मंच साझा किया।

आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही महिलाओं को सार्वजनिक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

मूनलाइट ग्लेन 2026 फैशन शो ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

लहरिया उत्सव 2026 moonlight glam

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ ‘मूनलाइट ग्लेन 2026’ फैशन शो भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग की 30 चयनित प्रतिभागियों ने रैंप पर आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और पारंपरिक सौंदर्य का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतिभागियों ने पारंपरिक और आधुनिक राजस्थानी परिधानों में अपनी प्रस्तुति देकर निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और मंच पर अभिव्यक्ति की क्षमता को प्रोत्साहित करना भी था।

कड़े मुकाबले के बाद निर्णायकों ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की। विजेताओं को ट्रॉफी और सम्मान देकर सम्मानित किया गया।

मूनलाइट ग्लेन 2026 विजेताओं की सूची

श्रेणीविजेता
मिस एंड मिसेज मूनलाइट शो 2026कृष्णा सोलंकी
फर्स्ट रनर-अपसोनल गुर्जर
रनर-अपनेहा शर्मा
फोटोजेनिकतमन्ना सैनी
फिटनेस फैनेटिकशिवानी देव
कॉन्फिडेंस अवॉर्डकशिश चिप्पा
बेस्ट रैंप वॉकसोनाली राठौर
विवेशियसखुशी शर्मा
ग्लोइंग स्किनपिया वर्मा
रेडिएंट स्माइलतनीशा चौहान
बेस्ट पर्सनैलिटीनूपुर सिंह
ग्लैमरस लुकनेहा रावल

राजस्थान की संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प

आयोजन के दौरान मुख्य आयोजक शिवानी पुरोहित और आर्यन माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, भाषा, लोक परंपराओं और संस्कारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश के विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक उत्सव—जैसे गरबा, डांडिया और गणेश उत्सव—विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं, उसी तरह ‘लहरिया’ भी राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है, ताकि देश-विदेश से लोग इसमें भाग लें और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकें।

प्रतिभागियों में दिखा उत्साह

लहरिया उत्सव 2026

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इसे अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया। प्रतिभागियों का कहना था कि इतने बड़े मंच पर पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में प्रस्तुति देना गर्व की बात है।

कई प्रतिभागियों ने बताया कि इस आयोजन ने उन्हें न केवल मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर दिया, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने और नई मित्रता बनाने का भी मौका मिला।

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मजबूत टीमवर्क बना सफलता की कुंजी

इतने बड़े सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने के पीछे एक समर्पित टीम की कई दिनों की मेहनत रही।

इवेंट कोऑर्डिनेटर पायल, पिंकी, आभा, नूतन, ऋचा, सुमन, नीलम, गीत, पूनम, अंजना, अनीता, अंजू, संगीता, सपना और दौलत ने आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला।

वहीं कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन एंकर सोनल शर्मा ने किया। उनकी ऊर्जा और संवाद शैली ने पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को जोड़े रखा।

सोशल मीडिया पर भी छाया लहरिया उत्सव

कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। रंग-बिरंगे लहरिया परिधान, सामूहिक घूमर और महिलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब पसंद किया। कई लोगों ने इसे राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा देने वाला आयोजन बताया।

आयोजकों का मानना है कि यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहे तो राजस्थान की लोक कला और संस्कृति को देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिल सकती है।

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