सोमवार तक स्थगित हुई सदन की कार्रवाई, आश्वासन के बावजूद विपक्ष ने तीन बार किया हंगामा

राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के समापन के बाद सदन ने टेबल थपथपाकर अभिभाषण का स्वागत किया। कांग्रेस प्रदेशाध्क्ष गोविंद डोटासरा ने सदन शुरू होने से पहले शांतिपूर्ण आचरण किए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष ने तीन बार हंगामा कर दिया। आदिवासी क्षेत्रों में पानी की मांग को लेकर विपक्ष ने पहली बार विरोध किया। इसके बाद पेपर लीक और महाकुंभ आयोजन को लेकर भी विपक्ष ने हंगामा किया। आज विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद सोमवार तक के लिए सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।

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राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अभिभाषण के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन घोटाले से देश में राजस्थान की साख खराब हुई है। बाड़मेर जिले के तामलोर गांव के दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां एक झोपड़े के पास प्रधानमंत्री आवास बना था, जहां नल खोलकर देखा तो पानी आ रहा था, मैंने पूछा कि पानी कहां से आया। लोगों ने बताया कि पानी सरदार सरोवर से आया है। 800 किलोमीटर से पानी आया है, तो यह अच्छी बात है। मैं अभिनंदन करता हूं।
ऊर्जा क्षेत्र को मिली नई ताकत

राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछली सरकार में प्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र संकट में था, जिससे थर्मल प्लांट कोयले की भारी कमी से जूझ रहे थे। वर्तमान सरकार ने केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से परसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक से कोयला खनन पुनः शुरू कराया। इससे अब राज्य की थर्मल इकाइयों को पर्याप्त कोयला मिल रहा है और ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।

‘राइजिंग राजस्थान’ से आएगी औद्योगिक क्रांति

राज्यपाल ने सरकार की औद्योगिक नीतियों की सराहना करते हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही साल में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश की मजबूत बुनियाद रखी है। राइजिंग राजस्थान के इस कार्यक्रम में 32 देशों ने भाग लिया, जिसमें 16 देश पार्टनर कंट्री बने। 147 एग्जीबिटर्स और 32 हजार से अधिक डेलीगेट्स एवं विजिटर्स शामिल हुए। 11 नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1,282 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और भूमि अधिग्रहण पर 512 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट से प्रदेश में औद्योगिक विकास का भाग्योदय होगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

एमपीकेसी परियोजना से बड़ी राहत

राज्यपाल ने एमपीकेसी परियोजना को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में 4 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। 3 करोड़ से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की तरफ से 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। कोटा जिले में कालीसिंध नदी पर नवनेरा बांध का निर्माण अक्टूबर 2024 में पूरा कर लिया गया। यह बांध एमपीकेसी परियोजना के लिए नींव का पत्थर साबित होगा।

अनोखे अंदाज में सदन पहुंचे विधायक

विधानसभा सत्र के पहले दिन कुछ विधायकों ने अपने पहनावे से खास संदेश देने की कोशिश की। इनमें शिव विधायक रविंद्र भाटी  ‘ओरण बचाओ’ लिखी भगवा स्वेट शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे और गोचर भूमि व चारागाहों के संरक्षण का संदेश दिया।
बामनवास विधायक इंदिरा मीणा ने समरावता कांड की न्यायिक जांच की मांग लिखी टी-शर्ट पहनकर आईं और सरकार से मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की।
नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी अपने गले में नीमकाथाना जिला बहाल करने की मांग को लेकर पोस्टर लटकाकर सदन में पहुंचे और सरकार पर क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।

रद्द हुआ भाकर का निलंबन

सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का निलंबन रद्द कर दिया गया। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने उनका निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया।

महत्वपूर्ण अध्यादेश पेश किए

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2024 सदन में प्रस्तुत किया। इसके अलावा नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने भरतपुर विकास प्राधिकरण अध्यादेश, 2024 और बीकानेर विकास प्राधिकरण अध्यादेश, 2024 सदन के समक्ष रखा।

19 फरवरी की पेश होगा बजट

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 3, 5 और 6 फरवरी को चर्चा होगी। सरकार की ओर से 7 फरवरी को जवाब दिया जाएगा। 8 से 18 फरवरी तक सदन अवकाश पर रहेगा। इसके बाद 19 फरवरी को उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी राजस्थान का बजट पेश करेंगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट को लेकर हर विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है। जनता, किसानों और विशेषज्ञों से राय ली गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट में महिलाओं, किसानों और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के पहले पूर्ण बजट पर टिकी हैं, जिसमें जनता को बड़ी राहत देने की उम्मीद की जा रही है।इधर, प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए तैयार है। इसे लेकर गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। वहीं, कांग्रेस के पास सरकार को विधानसभा में घेरने के लिए इस बार मुद्दों की कमी नहीं। पेपर लीक, राइजिंग राजस्थान, ईआरसीपी एमओयू और केबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की अपनी ही सरकार नाराजगी समेत कई मुद्दे हैं जिनका जवाब सदन में सरकार से मांगा जाएगा।

विधानसभा में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस 
  • कांग्रेस ईआरसीपी पर सरकार से श्वेत पत्र लाने की मांग कर रही है।
  • पिछले साल जयपुर में हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ की सफलता पर पर भी कांग्रेस सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से इसका ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।
  • फसलों के समर्थन मूल्य का मुद्दा भी विधानसभा में गरमाएगा। इसे लेकर राजस्थान के किसान एक दिन का गांव बंद आंदोलन भी कर चुके हैं ।
किसानों को नहीं मिल रहे उपज के दाम
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी इसे लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा- राजस्थान में बाजरे की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) न मिलने के बाद अब मूंगफली, मूंग व सोयाबीन की फसल को भी किसान बाजार में MSP से कम पर बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश केन्द्रों पर MSP पर खरीद ही शुरू नहीं हुई है। जहां खरीद शुरू हुई है वहां लक्ष्य कम दिए हैं, जिससे किसानों को उपज का दाम नहीं मिल रहा है।
सचिन पायलट ने मांगा जवाब

इधर विधानसभा सत्र को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि राज्यपाल का भाषण मुख्य रूप से सरकार द्वारा लिखा जाता है, जिसे वे पढ़ते हैं। इस सरकार को पिछले 1 साल में हुई कई चीजों के बारे में जवाब देना होगा, कानून और व्यवस्था की स्थिति राज्य, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, स्कूलों को बंद करना…आदि। उन्होंने कहा कि जो लोग पहली बार विधायक बने हैं, उन्हें बोलने का मौका दिया जाना चाहिए…”

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