BJP ने 190 सीटों पर कब्जा जमाया, Congress 98 सीटों तक सिमटी, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 52 सीटें जीतीं।अधिकांश स्वतंत्र विजेता भी BJP के समर्थन से जुड़े माने जा रहे हैं।यह जीत ग्रामीण इलाकों में BJP के बढ़ते प्रभाव का सबूत है।गैर-दलीय चुनाव होने के बावजूद नतीजों में राजनीतिक दलों का असर साफ झलक रहा है।
उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनाव 2025 ने सियासी हलचल मचा दी है। दो चरणों में 24 और 28 जुलाई 2025 को संपन्न हुए इन चुनावों में 69.1% मतदान दर्ज हुआ। खास बात यह रही कि इस बार महिलाओं ने मतदान में पुरुषों को पछाड़ दिया। हालांकि पंचायत चुनाव गैर-दलीय होते हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की पकड़ और प्रचार ने नतीजों का रुख बदल दिया।
सनसनीखेज नतीजे
ताजा नतीजों के अनुसार, BJP समर्थित उम्मीदवारों ने 190 सीटों पर धमाका किया, Congress समर्थित उम्मीदवारों को 98 सीटों से ही संतोष करना पड़ा, जबकि अन्य स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 52 सीटों पर जीत दर्ज की। सूत्रों के मुताबिक, कई स्वतंत्र विजेता भी BJP के ही विद्रोही उम्मीदवार थे, जिससे BJP की ताकत और बढ़ी।
कहां कौन हावी रहा?
BJP ने पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में अपनी पकड़ मजबूत की। Congress की पकड़ देहरादून, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के कुछ हिस्सों में दिखाई दी, लेकिन BJP की लहर के सामने फीकी पड़ी। हरिद्वार में Congress का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा।
‘मोदी मैजिक’ का असर!
विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का परिणाम है। ग्रामीण वोटरों के बीच “मोदी मैजिक” की गूंज अब भी बरकरार है। BJP की यह जीत त्रिस्तरीय सरकार की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
जनता का जोश
इस बार मतदान में जोश देखने लायक रहा। 69.1% मतदान ग्रामीण जनता के उत्साह को दर्शाता है। खास बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोट डालकर राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
क्या मतलब है इस जीत का?
यह नतीजे साफ बताते हैं कि उत्तराखंड के गांवों में BJP की पकड़ मजबूत हो चुकी है। Congress को अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना होगा। आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर भी इस जीत का असर गहरा पड़ सकता है।
उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की सियासत में बड़ा धमाका कर दिया है। BJP ने जहां 190 सीटों पर कब्जा करके अपनी ताकत साबित की, वहीं Congress 98 सीटों के साथ पीछे रह गई। ग्रामीण इलाकों में “मोदी मैजिक” की गूंज ने साफ कर दि
या है कि जनता का झुकाव किस ओर है।