“माल्टा महोत्सव: क्लस्टर मॉडल से बदलेगा उत्पादन का खेल, DM प्रशांत आर्य” – Eviral Press

“माल्टा महोत्सव: क्लस्टर मॉडल से बदलेगा उत्पादन का खेल, DM प्रशांत आर्य”

पहाड़ के स्वाद को मंच

उत्तरकाशी में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय माल्टा महोत्सव का आयोजन प्रेक्षागृह में किया गया। महोत्सव में जनपद भर से आए किसानों और बागवानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और अपने-अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक पर्वतीय फल माल्टा को नई पहचान और बाजार से जोड़ना रहा।


आत्मनिर्भरता की दिशा में माल्टा

कार्यक्रम का शुभारंभ गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने माल्टा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए किसानों और बागवानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड की बुनियाद है और सरकार लगातार उनकी आर्थिकी मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। महोत्सव के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा उन्नत खेती और बागवानी पर दिया जा रहा प्रशिक्षण किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।


बिखरे उत्पादन से संगठित मॉडल की जरूरत

जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने किसानों और बागवानों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण सत्रों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माल्टा पहाड़ की पारंपरिक प्रजाति है, जिसे वर्षों से पर्वतीय क्षेत्रों में उगाया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान में इसका उत्पादन बिखरे स्वरूप में होने के कारण अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने सेब और कीवी की तर्ज पर माल्टा के लिए भी क्लस्टर आधारित मॉडल विकसित करने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए, जिससे उत्पादन, विपणन और मूल्य तीनों स्तरों पर किसानों को लाभ मिल सके।


क्लस्टर आधारित बागवानी पर फोकस

मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ रजनीश सिंह ने कहा कि उत्तरकाशी में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी किसानों के यहां पेड़ों की संख्या सीमित है और कहीं भी विशेष माल्टा बाग विकसित नहीं हो पाए हैं। विभाग द्वारा अब क्लस्टर आधारित बागवानी को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उत्पादन बढ़े और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ा जा सके। महोत्सव में विशेषज्ञों ने माल्टा उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।


जनप्रतिनिधियों और किसानों की सहभागिता

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, सहायक निदेशक उद्यान डॉ ज्योति बजेली, प्रभारी कृषि केंद्र डॉ कमल पांडे, पादप रोग एवं कीट प्रबंधन विशेषज्ञ सुधीर सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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