सियासी गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या शशि थरूर अब कांग्रेस के साथ नहीं हैं?
कांग्रेस नेता मुरलीधरन के एक तीखे बयान ने हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कहा –
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)“शशि थरूर अब हमारे साथ नहीं हैं।”
बस फिर क्या था, संसद से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। थरूर वैसे भी अपनी अलग राह, अलग आवाज और क्लासिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार बात कुछ ज्यादा ही गंभीर लग रही है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चुप क्यों थे थरूर?
सोमवार को जब लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बहस हो रही थी, तो थरूर नदारद रहे। उन्होंने हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया।
यह वही शशि थरूर हैं जो आम तौर पर हर अहम बहस में अपनी बात दमदार तरीके से रखते हैं। फिर अचानक इतनी चुप्पी?
क्या यह किसी बड़े फैसले से पहले की शांति है?
हाईकमान से खटास नई नहीं
पिछले कुछ महीनों में थरूर और कांग्रेस हाईकमान के बीच तनातनी किसी से छिपी नहीं रही। केरल से लेकर दिल्ली तक, थरूर की आवाज कई बार पार्टी लाइन से अलग सुनाई दी।
G-23 की चिट्ठी हो या अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना – थरूर हमेशा लकीर के फकीर नहीं रहे। और यही बात कांग्रेस नेतृत्व को चुभती रही है।
क्या थरूर उड़ान की तैयारी में हैं?
अब बड़ा सवाल – क्या शशि थरूर फ्री बर्ड बनने की तैयारी कर रहे हैं?
क्या वे कोई नई सियासी राह चुनेंगे?
या फिर अपनी शर्तों पर कांग्रेस में ही जगह बनाएंगे?
एक बात तय है – शशि थरूर अब सियासत के साइलेंट मोड में नहीं हैं।
वो अगला कदम जो भी उठाएंगे, उसका असर दिल्ली से केरल तक महसूस किया जाएगा।
