श्रद्धा की राह पर मौत का साया मंडरा गया जब हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में सोमवार सुबह अचानक भगदड़ मच गई। मंदिर के पैदल मार्ग पर चल रही भारी भीड़ में उस वक्त कोहराम मच गया जब एक बिजली का तार टूटकर गिरा और चारों ओर करंट फैल गया।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिजली का करंट लगते ही चीख-पुकार मच गई, लोग इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ में कई लोग नीचे गिर पड़े। अभी तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस फोर्स ने तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में लिया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हरिद्वार के डीएम और एसपी खुद घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए इस मार्ग पर भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतज़ाम नहीं थे। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी थे? क्या बिजली विभाग की लापरवाही ने इतने लोगों की जान ले ली?
इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे उत्तराखंड को हिला कर रख दिया है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। इस हादसे के बाद मंदिर क्षेत्र में सभी दर्शन फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।
