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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)“बाबा” के चोले में जहरीला एजेंडा! हिंदू बेटियों को बनाया जा रहा था टारगेट – विदेशी पैसे से फैलाई जा रही थी धर्मांतरण की आग
देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसा चौंकाने वाला धर्मांतरण रैकेट उजागर किया है जो धार्मिक विश्वास, महिलाओं की भावनाओं और राष्ट्र की संस्कृति – तीनों पर सुनियोजित हमला करता है।
मुख्य किरदार: छांगुर बाबा — वही “साधु” जो वर्षों से शांति, चमत्कार और मोक्ष का उपदेश दे रहा था।
लेकिन हकीकत?
छांगुर बाबा असल में जलालुद्दीन खान निकला, जो पिछले तीन वर्षों में मुस्लिम देशों से ₹500 करोड़ से ज़्यादा की फंडिंग लेकर भारत में धर्मांतरण का राक्षसी जाल फैला रहा था।
🔍 परत-दर-परत कैसे खुला पूरा खेल?
- नेपाल बॉर्डर के पास छोटे कस्बों और गांवों में 100 से ज़्यादा बैंक खाते खोले गए
- जांच में पाया गया कि इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल एक ही थे
- ट्रांजैक्शन डिटेल्स ने बताया कि लाखों-करोड़ों की रकम UAE, तुर्की, बांग्लादेश, और कतर जैसे देशों से सीधे इन खातों में आई
इस नेटवर्क की गहराई में जाकर एजेंसियों को मिला एक नाम: छांगुर बाबा, जो खुद को योगी, पीड़ानाशक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक बताकर हिंदू महिलाओं को ब्रेनवॉश कर रहा था।
📉 असली नाम – असली मकसद
जैसे ही गहन जांच में छांगुर बाबा की असल पहचान ‘जलालुद्दीन खान’ सामने आई, एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया।
छांगुर बाबा की “कुटिया” में असल में थी एक कमांड सेंटर — जहां धर्मांतरण की स्क्रिप्ट लिखी जाती थी, सोशल मीडिया ब्रेनवॉशिंग की रणनीति बनती थी, और विदेशों से आने वाली फंडिंग को NGO व सेवा कार्यों की आड़ में घुमाया जाता था।
💰 ₹500 करोड़ की फंडिंग, ₹200 करोड़ संदिग्ध ट्रांजैक्शन
- फंड का इस्तेमाल NGO, शिक्षा केंद्र, सेवा प्रकल्प, महिला सहायता अभियान जैसी आड़ में किया गया
- असल मकसद था – हिंदू धर्म की जड़ों को कमजोर करना और गरीब/कमजोर वर्ग की महिलाओं को इस्लाम में परिवर्तित करना
- ₹200 करोड़ से अधिक की ट्रांजैक्शन अब तक अनट्रेस्ड और संदिग्ध घोषित की जा चुकी है
🎯 धर्मांतरण का टारगेट कौन?
“तुम्हारे धर्म में तुम्हें अधिकार नहीं… अल्लाह तुम्हें पूरा सम्मान देगा” — छांगुर बाबा की प्रचार पंक्तियों में यही भाव छिपा होता था।
- ब्राह्मण-ठाकुर लड़कियों से लेकर दलित महिलाओं तक, सभी वर्गों को निशाना बनाया गया
- भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक प्रलोभन के ज़रिए उन्हें “बाबा” के पास लाया जाता था
- फिर होता था “मंत्रोपदेश”, और अंत में गुप्त रूप से निकाह, धर्मांतरण और नाम परिवर्तन
🛑 नेपाल बॉर्डर – क्यों बना अड्डा?
- नेपाल की खुली सीमा और दस्तावेजों की ढील ने अपराधियों को छूट दी
- वहां से फर्जी दस्तावेज़, पहचान पत्र और बैंक चैनल तैयार किए गए
- नेपाली इस्लामिक संगठनों के साथ मिलकर फंडिंग और “धार्मिक भ्रमण” के नाम पर धर्मांतरण की स्कीम चलाई गई
🧠 ब्रेनवॉशिंग की तकनीकें
- “कर्मों का प्रायश्चित”, “मोक्ष का मार्ग”, और “पूर्व जन्म के पापों से मुक्ति” — ऐसे जाल में महिलाओं को फंसाया गया
- व्हाट्सएप ग्रुप्स, इंस्टाग्राम रील्स और वीडियो कॉल्स से भावनात्मक जाल बिछाया गया
- बाबा के प्रवचनों में “हिंदू धर्म में स्त्रियों को देवी कहकर भी उपेक्षित किया गया है” जैसी बातें भरी होती थीं
⚖️ अब क्या कार्रवाई?
- जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर UAPA, PMLA, FCRA और धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत केस दर्ज
- पूरे नेटवर्क की जांच CBI और ED के हवाले
- नेपाल और खाड़ी देशों से जुड़े 7 विदेशी NGO अब इंटरपोल रेड लिस्ट में
- एजेंसियों का दावा: ये तो सिर्फ शुरुआत है… पूरे देश में ऐसे 50 से ज़्यादा छद्म संत सक्रिय हैं!
🚩 यह सिर्फ एक धर्मांतरण मामला नहीं…
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा, महिलाओं की स्वतंत्रता और भारत की सांस्कृतिक अस्मिता पर आक्रमण है।
छांगुर बाबा जैसे लोग बाबा का चोला ओढ़कर नारी शक्ति को गुमराह कर रहे हैं — और हमारे तंत्र की आंखें तब खुलती हैं जब लाखों-करोड़ों की रकम और सैकड़ों जिंदगियां फंस चुकी होती हैं।
