नई दिल्ली | भारतीय राजनीति की प्रभावशाली चेहरा और टेलीविज़न की सबसे चहेती बहू, स्मृति ईरानी एक बार फिर वही किरदार निभाने जा रही हैं जिसने उन्हें पूरे भारत के घर-घर में लोकप्रिय बना दिया था — तुलसी वीरानी!
और इसलिए आज का सबसे चर्चित शीर्षक बन गया है:
“क्योंकि तुलसी भी कभी मंत्री थी!”
📺 एक टीवी आइकन की वापसी
साल 2000 में जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ शुरू हुआ था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह धारावाहिक भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में एक युग बन जाएगा। और उसकी आत्मा बनीं तुलसी वीरानी — यानी स्मृति ईरानी।
अब, करीब दो दशकों बाद, वह उसी शो के रीबूट संस्करण में फिर से तुलसी के रूप में लौट रही हैं।
इस बार सीज़न का प्रसारण होगा 29 जुलाई 2025 से, रात 10:30 बजे Star Plus पर और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर JioCinema पर।
👩⚖️ मंत्री से फिर से बहू
स्मृति ईरानी अब सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं, बल्कि भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी एक अनुभवी राजनेता हैं।
जब उनसे पूछा गया कि राजनीति के बाद एक्टिंग में वापसी कैसी लग रही है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा –
“मैं हमेशा पहले एक राजनेता रहूंगी और फिर एक पार्ट-टाइम अभिनेत्री। लेकिन क्योंकि सास भी… सिर्फ शो नहीं, मेरी आत्मा है। ये वापसी जड़ों से जुड़ने जैसा है।”
उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने कह दिया —
“अब राजनीति में मंत्री, पर टेलीविज़न पर फिर से हमारी तुलसी!”
💸 फ़ीस में भारी छलांग
जिस शो में काम करने के लिए कभी उन्हें ₹1800 प्रति एपिसोड मिलते थे, अब वही स्मृति ईरानी इस बार ₹14 लाख प्रति एपिसोड चार्ज कर रही हैं।
इस बढ़ी हुई फीस ने उन्हें भारतीय टेलीविज़न की सबसे अधिक भुगतान पाने वाली अभिनेत्री बना दिया है।
🌐 सोशल मीडिया पर #TulsiAgain ट्रेंडिंग
प्रोमो के रिलीज़ होते ही ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर #TulsiAgain, #Kyunki2 और #SmritiIrani जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
यूज़र्स ने लिखा:
“अब अनुपमा को टक्कर देने आ रही है हमारी OG तुलसी!”
“20 साल बाद फिर से वही भावनाएं, वही आवाज़ और वही आंखों में आँसू!”
“तुलसी ने संसद जीत ली, अब TRP भी जीतेंगी।”
🎬 एकता कपूर की नई बाज़ी
शो की निर्माता एकता कपूर ने कहा:
“तुलसी सिर्फ एक किरदार नहीं थी। वह हर भारतीय घर में बहू, बेटी, माँ और स्त्री संघर्ष की प्रतीक बन गई थी। इस सीज़न में हम वही आत्मा लाएंगे, लेकिन आज के दौर के मुद्दों और सामाजिक संरचना के साथ।”
🕰️ क्या बदला है? क्या वही रहेगा?
- वही घर, वही विरासत, लेकिन अब नई पीढ़ी के पात्र और नई चुनौतियाँ होंगी।
- तुलसी अब सिर्फ भावुक स्त्री नहीं, बल्कि एक राजनेता के अनुभव के साथ संवेदनशील नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरेंगी।
- कह सकते हैं कि अब की ‘सास’ में ‘संसद’ की झलक भी देखने को मिलेगी।
🔥 क्यों खास है ये वापसी?
- राजनीति और टेलीविज़न का संगम
- पुराने दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया, नए दर्शकों के लिए नई सोच
- एक अभिनेत्री जो रील से रियल तक छा गई, अब फिर से रील में लौट रही है
- TRP की जंग में बड़ा धमाका माने जा रहे इस शो की वापसी
तुलसी वीरानी अब सिर्फ एक बहू नहीं, बल्कि एक नेता के रूप में छोटे पर्दे पर लौट रही हैं।
उनकी यह वापसी दर्शकों के लिए स्मृति नहीं, बल्कि नई स्मृति गढ़ने वाली है।
और इसलिए – “क्योंकि तुलसी भी कभी मंत्री थी।”