बड़ी खबर | उत्तरकाशी
उत्तरकाशी, 14 जनवरी 2026।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)उत्तराखंड सरकार की शीतकालीन पर्यटन रणनीति को नई धार देते हुए आज Winter Tourism Conclave – Uttarkashi का भव्य आयोजन किया गया। इस अहम कॉन्क्लेव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तरकाशी को शीतकालीन पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना रहा।
शीतकालीन पर्यटन पर सरकार का फोकस क्यों अहम?
Winter Tourism Conclave – Uttarkashi से बदलेगा पर्यटन कैलेंडर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि Winter Tourism Conclave – Uttarkashi केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन मॉडल में एक रणनीतिक बदलाव है। अब पर्यटन को केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रखते हुए, सर्दियों के मौसम में भी उत्तरकाशी जैसे सीमावर्ती और पर्वतीय जिलों को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से होटल, होम-स्टे, ट्रैकिंग, एडवेंचर टूरिज्म, स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान को नई पहचान मिलेगी।
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उत्तरकाशी: शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं
Winter Tourism Conclave – Uttarkashi में क्या रहा खास
कॉन्क्लेव के दौरान उत्तरकाशी की उन संभावनाओं को रेखांकित किया गया, जो सर्दियों में भी पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं—
- बर्फ से ढके हिमालयी दृश्य
- विंटर ट्रेकिंग और स्नो एडवेंचर
- धार्मिक पर्यटन (काशी विश्वनाथ, गंगोत्री शीतकालीन प्रवास)
- लोक संस्कृति, मेले और पारंपरिक उत्सव
- ईको-टूरिज्म और होम-स्टे मॉडल
सरकार का मानना है कि Winter Tourism Conclave – Uttarkashi के माध्यम से उत्तरकाशी “ऑफ-सीजन” नहीं बल्कि “ऑल-सीजन डेस्टिनेशन” बनेगा।
मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: पर्यटन से होगा पलायन पर प्रहार
युवाओं के लिए रोजगार का रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आजीविका से जोड़कर देख रही है। Winter Tourism Conclave – Uttarkashi इसी सोच का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि—
- स्थानीय युवाओं को टूर गाइड, ट्रैवल ऑपरेटर और हॉस्पिटैलिटी से जोड़ा जा रहा है
- होम-स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है
- महिला स्वयं सहायता समूहों को पर्यटन से जोड़ा जा रहा है
- रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिल रहा है
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पर्यटन ही वह सेक्टर है जो पहाड़ में स्थायी रोजगार दे सकता है।
आधारभूत ढांचे पर भी सरकार का जोर
Winter Tourism Conclave – Uttarkashi में विकास परियोजनाओं की जानकारी
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की—
- सड़क, सुरंग और कनेक्टिविटी परियोजनाएं
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- डिजिटल कनेक्टिविटी
- पर्यटन सुविधाओं का आधुनिकीकरण
उन्होंने कहा कि जब तक आधारभूत ढांचा मजबूत नहीं होगा, तब तक Winter Tourism Conclave – Uttarkashi जैसे प्रयासों का पूरा लाभ नहीं मिल सकता।
सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन का संतुलन
देवभूमि की मर्यादा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि पर्यटन विकास के नाम पर देवभूमि की संस्कृति और परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। Winter Tourism Conclave – Uttarkashi का मूल उद्देश्य भी यही है कि पर्यटन, संस्कृति के संरक्षण के साथ आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी लोक आस्था, मंदिर, मेले, लोक देवता और पारंपरिक जीवनशैली से है—और इन्हीं तत्वों को केंद्र में रखकर पर्यटन नीति बनाई जा रही है।
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स्थानीय सहभागिता से सफल होगा शीतकालीन पर्यटन
Winter Tourism Conclave – Uttarkashi का दीर्घकालिक विजन
विशेषज्ञों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि Winter Tourism Conclave – Uttarkashi तभी सफल होगा, जब इसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कॉन्क्लेव में होम-स्टे संचालकों, पर्यटन उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद भी हुआ, जिसमें स्थानीय सुझावों को नीति में शामिल करने पर जोर दिया गया।
उत्तरकाशी बनेगा विंटर टूरिज्म हब
कुल मिलाकर, Winter Tourism Conclave – Uttarkashi उत्तराखंड के पर्यटन भविष्य की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक कदम साबित हो रहा है। इससे न केवल उत्तरकाशी की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को भी नई गति मिलेगी।


