उत्तरकाशी | उत्तराखंड न्यूज़
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026 में डीएम ने विकास कार्यों की रफ्तार को तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन को अब पूरी तरह action mode में नजर आने के निर्देश दिए। 17 फरवरी 2026 को विकास भवन सभागार में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले के तमाम विभागीय अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही, देरी और योजनाओं की डुप्लीकेसी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह बैठक जिले में चल रहे 25-सूत्रीय कार्यक्रमों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य केवल रिपोर्ट लेना नहीं, बल्कि ground-level execution को दुरुस्त करना और बजट के सही उपयोग को सुनिश्चित करना रहा।
#UttarkashiNews #DistrictAdministration
डीएम का साफ संदेश: योजना मंजूर है तो काम ज़मीन पर दिखना चाहिए
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें दोहराव (duplication) की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- हर योजना का clear database तैयार किया जाए
- पहले से चल रही योजनाओं से overlap न हो
- एक ही काम के लिए दो बार budget sanction न हो
डीएम ने कहा कि योजनाओं की डुप्लीकेसी न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि इससे जनता का भरोसा भी कमजोर होता है।
#Transparency #NoDuplication
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उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026: अब सिर्फ फाइल नहीं, रिज़ल्ट चाहिए
जिलाधिकारी ने यह भी साफ किया कि अब सिर्फ फाइलों में प्रगति दिखाना काफी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों
- काम की quality compromise न की जाए
- field inspection को नियमित बनाया जाए
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी जिले में development projects सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं हैं, बल्कि ये सीधे लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े हुए हैं।
#QualityWork #TimeBoundProjects
किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचे योजना की जानकारी
उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026 में कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने खास तौर पर यह निर्देश दिए कि:
- लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी समय पर दी जाए
- subsidy और assistance की प्रक्रिया सरल हो
- awareness camps को बढ़ाया जाए
डीएम ने कहा कि अगर जानकारी समय पर नहीं पहुंचेगी, तो योजना का बजट होने के बावजूद actual benefit लोगों तक नहीं पहुंचेगा, जो किसी भी विकास मॉडल की सबसे बड़ी कमजोरी है।
#PublicWelfare #FarmerSupport
वन्य जीवों से फसल सुरक्षा: विभागीय तालमेल पर ज़ोर
उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026 में वन्य जीवों द्वारा फसलों को नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग और कृषि विभाग को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि:
- फसल सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं
- ground-level coordination जरूरी है
- किसानों की शिकायतों का quick response हो
पहाड़ी क्षेत्रों में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है।
#HumanWildlifeConflict #InterDepartmentCoordination
बजट खर्च में ढिलाई पर डीएम की सख्ती
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जल निगम, वन विभाग, लघु सिंचाई और पर्यटन विभाग द्वारा बजट का अपेक्षाकृत कम उपयोग किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्ति की ओर है
- उपलब्ध धनराशि का शीघ्र और सही उपयोग किया जाए
- बिना वजह funds lapse नहीं होने चाहिए
डीएम ने स्पष्ट किया कि बजट खर्च न होना भी एक तरह की administrative failure मानी जाएगी।
#BudgetUtilization #FinancialDiscipline
25-सूत्रीय कार्यक्रम: विकास का रोडमैप
उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026 में उत्तराखंड राज्य के नए 25-सूत्रीय कार्यक्रम की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 105 मद शामिल हैं, जिनमें:
- 65 रेंकिंग मद
- 40 नॉन-रेंकिंग मद
शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जिले के विकास को multi-sector approach के तहत आगे बढ़ाना है।
#25PointProgram #DevelopmentRoadmap
किन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस?
25-सूत्रीय कार्यक्रम के तहत उत्तरकाशी जिले में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- इको टूरिज्म और पीरूल आधारित योजनाएं
- कूड़ा संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण
- सरकारी संपत्तियों से अवैध अतिक्रमण हटाना
- पर्यटन नीति, पार्किंग व्यवस्था
- खाद्य प्रसंस्करण और नदी संरक्षण
इन सभी क्षेत्रों को जिले की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार विकसित करने पर ज़ोर दिया गया है।
#EcoTourism #SustainableDevelopment
प्रशासनिक टीम की मौजूदगी, जवाबदेही तय
इस महत्वपूर्ण उत्तरकाशी विकास कार्य समीक्षा बैठक 2026 में:
- मुख्य विकास अधिकारी जय भारत
- प्रभागीय वनाधिकारी डी.पी. बलूनी
- परियोजना निदेशक अजय सिंह
- जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अतुल आनंद
सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समीक्षा के बाद action taken report समय पर प्रस्तुत की जाए।
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पहाड़ी जिलों में विकास की असली चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी जिलों में विकास की सबसे बड़ी चुनौती:
- कठिन भौगोलिक परिस्थितियां
- सीमित संसाधन
- विभागीय तालमेल की कमी
रही है। ऐसे में डीएम द्वारा की गई यह सख्त समीक्षा बैठक policy से execution तक की दूरी को कम करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
#HillDevelopment #GroundExecution
निष्कर्ष: सख्ती के साथ सिस्टम सुधार की कोशिश
उत्तरकाशी में आयोजित यह समीक्षा बैठक सिर्फ एक औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह संकेत है कि जिला प्रशासन अब result-oriented governance की ओर बढ़ रहा है। योजनाओं में डुप्लीकेसी रोकना, बजट का सही उपयोग और विभागीय तालमेल—ये सभी पहलू अगर ज़मीन पर लागू होते हैं, तो जिले में विकास की गति और पारदर्शिता दोनों में सुधार संभव है।
अब देखना होगा कि दिए गए निर्देश कितनी तेजी से ground reality में बदलते हैं।
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बताइए, आगे क्या तैयार करें।


