उत्तराखंड में विकास योजनाओं को बड़ा बूस्ट: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में व्यय-वित्त समिति 2026 की अहम बैठक

उत्तराखंड सरकार राज्य में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रशासनिक स्तर पर फैसले ले रही है। इसी क्रम में राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में व्यय-वित्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)

बैठक में जल आपूर्ति, शहरी विकास, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास कार्यों को तेज गति देना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिन योजनाओं को मंजूरी दी गई है, वे आने वाले समय में उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


अमृत 2.0 के तहत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को मंजूरी

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक AMRUT 2.0 के ट्रांच-2 के अंतर्गत Sahastradhara क्षेत्र के लिए सहस्त्रधारा पेयजल योजना को मंजूरी देना रहा।

इस योजना का क्रियान्वयन Uttarakhand Jal Sansthan द्वारा किया जाएगा।

सहस्त्रधारा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के साथ-साथ जनसंख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा था। इस योजना के लागू होने से क्षेत्र के हजारों निवासियों और पर्यटकों को बेहतर जलापूर्ति की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमृत 2.0 के तहत लागू होने वाली यह योजना शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल में सतपुली बैराज निर्माण को हरी झंडी

व्यय-वित्त समिति ने Pauri Garhwal जिले के द्वारीखाल और एकेश्वर विकासखंड के अंतर्गत Satpuli क्षेत्र में प्रस्तावित सतपुली बैराज निर्माण के पुनरीक्षित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।

यह परियोजना क्षेत्र में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इस बैराज के निर्माण की मांग उठाई जा रही थी। परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद जल संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन में सुधार आएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


हल्द्वानी फायर स्टेशन में आवास निर्माण को मंजूरी

बैठक में Haldwani स्थित फायर स्टेशन के लिए आवासीय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।

इस परियोजना के अंतर्गत टाइप-द्वितीय, टाइप-तृतीय और टाइप-चतुर्थ श्रेणी के कुल आवास बनाए जाएंगे।

फायर सर्विस कर्मियों को अक्सर आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत उपलब्ध रहना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए कार्यस्थल के पास आवास उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

सरकार का मानना है कि इन आवासों के निर्माण से फायर सर्विस कर्मचारियों की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा, जिससे आपदा या आगजनी की घटनाओं में बेहतर और तेज राहत कार्य संभव हो सकेगा।


उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में व्यय-वित्त समिति की बैठक

देहरादून में शहरी विकास निदेशालय का नया कार्यालय भवन

बैठक में Dehradun के डांडा लखौंड क्षेत्र में Sahastradhara Road पर शहरी विकास निदेशालय के नए कार्यालय भवन के निर्माण प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया गया।

यह कार्यालय भवन उत्तराखंड में शहरी विकास योजनाओं के बेहतर संचालन और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाने के उद्देश्य से बनाया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कार्यालय भवन बनने से विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और राज्य में शहरी विकास परियोजनाओं के संचालन में भी तेजी आएगी।


रुद्रपुर नगर निगम भवन के पुनर्निर्माण को स्वीकृति

व्यय-वित्त समिति की बैठक में Rudrapur नगर निगम के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

रुद्रपुर उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है और यहां तेजी से शहरीकरण हो रहा है। ऐसे में नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना भी आवश्यक हो गया था।

भवन के पुनर्निर्माण के बाद नगर निगम के कार्यों के संचालन में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और नागरिक सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।


उत्तराखंड मुख्य सचिव ने दिए पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

बैठक के दौरान उत्तराखंड मुख्य सचिव Anand Bardhan ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए और योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कार्य किया जाए।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।


राज्य आपदा मोचन निधि बैठक में प्रस्तावों को मिली मंजूरी, गुणवत्ता और निगरानी पर मुख्य सचिव का जोर

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें Nitesh Jha, Shailesh Bagoli, S. A. Adanki तथा Yugal Kishore Pant सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।

बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी साझा की और उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा की।


उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यय-वित्त समिति द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं से उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।

पेयजल आपूर्ति, जल संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था और शहरी प्रशासन से जुड़ी इन योजनाओं के लागू होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।

उत्तराखंड सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से राज्य के संतुलित और टिकाऊ विकास पर है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है।

#UttarakhandNews
#Dehradun
#AnandBardhan
#UttarakhandDevelopment
#SatpuliBarrage
#Haldwani
#Rudrapur
#UrbanDevelopment
#AMRUT20
#IndiaNews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *