📍 देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल का शुभारंभ किया।
क्या आप प्लंबर, कारपेंटर या इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं, लेकिन फिर भी आपको वह सम्मान और कमाई नहीं मिलती जिसके आप हकदार हैं?
क्या हुनर होने के बावजूद सिर्फ इसलिए बड़ी कंपनियों में काम नहीं मिलता क्योंकि आपके पास सरकारी सर्टिफिकेट नहीं है?
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)अगर जवाब हाँ है, तो उत्तराखंड सरकार की नई पहल श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल आपकी ज़िंदगी की दिशा बदल सकती है।
अब आपको सिर्फ “मिस्त्री” या “मजदूर” नहीं कहा जाएगा, बल्कि आप एक प्रशिक्षित और प्रमाणित स्किल्ड प्रोफेशनल के तौर पर पहचाने जाएंगे।
🛠️ क्या है यह ‘गेम-चेंजर’ पोर्टल?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (Training Management System – TMS) का शुभारंभ किया।
सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो:
- आपके हुनर को निखारेगा
- उसे सरकारी पहचान (Certificate) देगा
- और ट्रेनिंग को सीधे रोजगार से जोड़ने की कोशिश करेगा
अब तक कई बार प्रशिक्षण सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाता था, लेकिन इस श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल के बाद सिस्टम पूरी तरह बदलने जा रहा है।
✅ TMS पोर्टल से श्रमिकों को क्या मिलेगा?
🔹 1. सरकारी सर्टिफिकेट
आपने जो ट्रेनिंग ली है, उसका डिजिटल और वैध प्रमाण आपके पास होगा, जिसे कहीं भी दिखाया जा सकेगा।
🔹 2. ऑनलाइन हाजिरी, जीरो फर्जीवाड़ा
हाजिरी से लेकर मूल्यांकन तक सब कुछ ऑनलाइन होगा।
जो सीखेगा, वही आगे बढ़ेगा।
🔹 3. ट्रेनिंग के बाद काम की राह
सरकार की कोशिश रहेगी कि ट्रेनिंग के बाद श्रमिकों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए — इसे ही Forward Linkage कहा गया है।
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🏗️ इन 3 प्रोफेशन पर सरकार का सबसे ज़्यादा फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने साफ कहा है कि अब ऐसी ट्रेनिंग नहीं दी जाएगी जिसकी बाज़ार में मांग ही न हो।
सरकार का मुख्य फोकस रहेगा:
- 🔧 Plumber (प्लंबर)
- 🪚 Carpenter (कारपेंटर)
- ⚡ Electrician (इलेक्ट्रीशियन)
📈 फायदा क्या होगा?
- सिर्फ दिहाड़ी नहीं, प्रोफेशनल रेट मिलेगी
- बड़ी साइट्स और कंपनियों में काम के मौके
- स्थानीय लोगों को स्थानीय काम → पलायन पर रोक
🚫 दलालों की एंट्री पूरी तरह बैन
श्रम विभाग के अनुसार इस श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल में:
- आधार आधारित वेरिफिकेशन
- इम्पैनल्ड ट्रेनर
- डिजिटल अटेंडेंस
- सेंट्रल डाटाबेस
जैसी व्यवस्थाएं होंगी।
इसका मतलब साफ है —
❌ कोई बिचौलिया नहीं
❌ कोई डुप्लीकेसी नहीं
❌ कोई कमीशनखोरी नहीं
💡 अब आपकी बारी: हुनरमंद बनिए, आत्मनिर्भर बनिए
यह श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल सिर्फ एक सरकारी वेबसाइट नहीं है।
यह वो औज़ार है, जो आपको भीड़ से अलग पहचान दिला सकता है।
सरकार ने प्लेटफॉर्म दे दिया है —
अब उस पर आगे बढ़ना आपके हाथ में है।
❓ आपकी राय मायने रखती है
क्या आपको लगता है कि
👉 सरकारी सर्टिफिकेट मिलने से प्राइवेट काम और कंपनियों में नौकरी मिलना आसान होगा?
या फिर ज़मीनी हकीकत कुछ और है?
👇 कमेंट बॉक्स में अपनी राय ज़रूर लिखें।


