उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट: चारधाम क्षेत्र में बर्फबारी तेज, अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील

🛑 ऑरेंज अलर्ट जारी, अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के इनपुट के अनुसार उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट के तहत राज्य के कई जिलों में अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट 23 जनवरी 2026, शाम 5:30 बजे से 24 जनवरी 2026, शाम 5:30 बजे तक प्रभावी रहेगा।

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लगातार हो रही बर्फबारी, तापमान में तेज गिरावट और पुरानी जमी बर्फ के कारण पहाड़ी ढलानों पर मध्यम खतरे के स्तर का हिमस्खलन होने की संभावना जताई गई है।


📍 इन जनपदों में हिमस्खलन का मध्यम खतरा

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार जिन जनपदों में उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट प्रभावी रहेगा, वे हैं:

  • चमोली
  • पिथौरागढ़
  • रुद्रप्रयाग
  • उत्तरकाशी

इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की स्थिति किसी भी समय बन सकती है।


उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट के बीच गंगोत्री धाम में बर्फबारी

⚠️ संवेदनशील इलाके, जहां ज्यादा सतर्कता जरूरी

प्रशासन ने जिन स्थानों को विशेष रूप से संवेदनशील माना है, उनमें शामिल हैं:

  • बड़कोट
  • पुरोला
  • चिन्यालीसौड़
  • सोनप्रयाग
  • केदारनाथ
  • बद्रीनाथ
  • कर्णप्रयाग
  • थराली
  • जोशीमठ

इन इलाकों में बर्फ की मोटी परत, ढलानदार भूभाग और तेज हवाएं हिमस्खलन के जोखिम को बढ़ा रही हैं।


❄️ चारधाम में मौसम का असर, गंगोत्री में बर्फबारी

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम में से एक गंगोत्री धाम में लगातार बर्फबारी दर्ज की जा रही है। धाम और आसपास के क्षेत्रों में सफेद चादर बिछ चुकी है, जिससे तापमान शून्य से नीचे चला गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऊंचाई वाले धार्मिक स्थलों की ओर अनावश्यक आवाजाही से बचना ही समझदारी है।


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🌨️ खरसाली (खुशीमठ) में भी बर्फ की चादर

मां यमुना के शीतकालीन गद्दीस्थल खुशीमठ (खरसाली) में भी तेज बर्फबारी हो रही है। मंदिर परिसर और गांवों में बर्फ जमने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर नजर रखी जा रही है।


🚨 प्रशासन अलर्ट मोड में

उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट को देखते हुए:

  • जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं
  • SDRF और अन्य राहत एजेंसियां स्टैंडबाय पर रखी गई हैं
  • संवेदनशील मार्गों की निगरानी तेज कर दी गई है
  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही सीमित करने की तैयारी है

प्रशासन ने साफ कहा है कि स्थिति बिगड़ने पर अलर्ट स्तर बढ़ाया जा सकता है।


🧭 लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी

  • पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा फिलहाल टालें
  • बर्फीली ढलानों और ग्लेशियर क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें
  • प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें
  • अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

🔍 क्या आगे बढ़ सकता है खतरा?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बर्फबारी की तीव्रता बढ़ती है तो उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट को और सख्त किया जा सकता है। अगले 24 घंटे मौसम और प्रशासन—दोनों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम का यह दौर खूबसूरत जरूर है, लेकिन जोखिम से भरा भी है। उत्तराखंड हिमस्खलन अलर्ट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। प्रशासन, स्थानीय लोग और यात्री—सभी को संयम और सतर्कता के साथ आगे बढ़ना होगा।

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