चारधाम सीजन से पहले उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: व्यावसायिक LPG सिलेंडर वितरण के लिए नया SOP लागू

उत्तराखंड में आगामी महीनों में शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा और बढ़ते पर्यटन सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है।
उत्तराखंड शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 16 मार्च 2026 को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है।

इस SOP का उद्देश्य राज्य में पर्यटन और धार्मिक यात्रा के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य संस्थानों में गैस की कमी से होने वाली संभावित समस्याओं को रोकना है।

सरकार का मानना है कि यदि व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इससे पर्यटन व्यवसाय और राज्य की अर्थव्यवस्था दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।


क्यों जारी करना पड़ा नया SOP

राज्य सरकार के अनुसार उत्तराखंड में हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।

इस समय होटल, गेस्ट हाउस, ढाबे, कैंटीन और अन्य संस्थानों में खाना बनाने के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ जाती है

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG), भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में राज्य स्तर पर बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति, जिलाधिकारियों और गैस वितरण कंपनियों के साथ चर्चा के बाद यह SOP तय किया गया।


उत्तराखंड LPG SOP

SOP के अनुसार किसे कितने सिलेंडर मिलेंगे

सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर वितरण को विभिन्न श्रेणियों में बांटते हुए कुल 2650 सिलेंडरों की दैनिक मांग का वितरण प्रतिशत तय किया है

1. फार्मास्यूटिकल सेक्टर

लाइफ सेविंग दवाओं से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता देते हुए

  • दैनिक मांग: 190 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 7%

2. होटल और रिजॉर्ट

पर्यटन और तीर्थयात्रा में सबसे ज्यादा उपयोग इसी क्षेत्र में होता है।

  • दैनिक मांग: 750 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 28%

3. रेस्टोरेंट और ढाबे

राज्य में यात्रा मार्गों और शहरों में बड़ी संख्या में संचालित रेस्टोरेंट और ढाबों को

  • दैनिक मांग: 1000 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 37%

4. सरकारी गेस्ट हाउस

सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाले अतिथि गृहों के लिए

  • दैनिक मांग: 150 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 6%

5. डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ

खाद्य उत्पादन से जुड़े उद्योगों को

  • दैनिक मांग: 130 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 5%

6. औद्योगिक कैंटीन

कारखानों और संस्थानों की कैंटीन के लिए

  • दैनिक मांग: 150 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 6%

7. छात्रावास

पेयिंग गेस्ट और छात्रावास जैसी सुविधाओं के लिए

  • दैनिक मांग: 150 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 6%

8. होम स्टे और स्वयं सहायता समूह

ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए

  • दैनिक मांग: 130 सिलेंडर
  • आवंटन प्रतिशत: 5%

कुल मिलाकर राज्य में 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का प्रतिदिन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।


गैस कंपनियों की जिम्मेदारी तय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कार्यरत तीनों प्रमुख तेल और गैस वितरण कंपनियाँ —

  • Indian Oil Corporation
  • Bharat Petroleum
  • Hindustan Petroleum

अपनी मौजूदा बाजार हिस्सेदारी के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी

इन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्राथमिकता के आधार पर तय श्रेणियों में गैस उपलब्ध कराएं और आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आने दें।


जिलाधिकारियों की भी होगी अहम भूमिका

SOP के अनुसार जिलों में गैस वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और जिला प्रशासन को भी दी गई है।

यदि कहीं गैस की कमी या आपूर्ति में बाधा की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित जिलाधिकारी तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करेंगे।

इसके साथ ही गैस एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।


चारधाम यात्रा से पहले बड़ी तैयारी

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन और तीर्थयात्रा पर आधारित है।

हर साल लाखों श्रद्धालु

  • **बद्रीनाथ धाम
  • केदारनाथ धाम
  • गंगोत्री धाम
  • यमुनोत्री धाम

के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं।

इस दौरान होटल, ढाबों और कैंटीनों में खाने-पीने की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में गैस की कमी से यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।


पर्यटन उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि यह SOP समय पर लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

यदि पर्यटन सीजन के दौरान गैस की कमी हो जाए तो

  • होटल संचालन प्रभावित हो सकता है
  • रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बन सकती है
  • यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है

सरकार का यह फैसला इन सभी संभावित समस्याओं को रोकने में मदद करेगा।


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सरकार का संदेश: आपूर्ति बाधित नहीं होने देंगे

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन और चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसीलिए गैस जैसी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

नए SOP के लागू होने से उम्मीद है कि इस बार यात्रा सीजन के दौरान गैस आपूर्ति सुचारु रहेगी और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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