उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए उत्तराखंड बजट 2026 प्रस्तुत करते हुए विकास को नई गति देने का रोडमैप रखा है। बजट के सार के अनुसार इस वर्ष राज्य का कुल बजट आकार लगभग 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
सरकार ने उत्तराखंड बजट 2026 में राजस्व बढ़ाने, पूंजीगत निवेश को मजबूत करने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। बजट दस्तावेज से स्पष्ट होता है कि सरकार बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।
उत्तराखंड बजट कुल 2026 प्राप्तियां 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक
बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026–27 में राज्य की कुल प्राप्तियां लगभग 1,10,143 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसमें राजस्व प्राप्तियां और पूंजीगत प्राप्तियां दोनों शामिल हैं।
राजस्व प्राप्तियों का अनुमान 67,525 करोड़ रुपये लगाया गया है। यह राशि राज्य के करों, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अन्य आय स्रोतों से प्राप्त होगी।
कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि
राज्य की आय का प्रमुख आधार कर राजस्व होता है। बजट के अनुसार वर्ष 2026–27 में कर राजस्व लगभग 43,327 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है और कर संग्रहण की व्यवस्था भी मजबूत हो रही है।
गैर-कर राजस्व भी बढ़ा
गैर-कर राजस्व के रूप में राज्य सरकार को लगभग 24,198 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।
इसमें विभिन्न विभागों की आय, शुल्क, रॉयल्टी तथा केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान शामिल हैं।
पूंजीगत प्राप्तियां 42 हजार करोड़ से अधिक
उत्तराखंड बजट 2026 में पूंजीगत प्राप्तियों का अनुमान लगभग 42,617 करोड़ रुपये लगाया गया है। इसमें ऋण और अन्य वित्तीय साधनों से मिलने वाली राशि शामिल है।
इसके अतिरिक्त सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक से वेज एंड मीन्स एडवांस के माध्यम से लगभग 21 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलने की संभावना भी जताई गई है।
कुल व्यय 1.11 लाख करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2026–27 में राज्य का कुल व्यय लगभग 1,11,703 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
यह व्यय दो प्रमुख भागों में विभाजित है:
- राजस्व व्यय: लगभग 64,989 करोड़ रुपये
- पूंजीगत व्यय: लगभग 46,713 करोड़ रुपये
पूंजीगत व्यय में वृद्धि इस बात का संकेत है कि सरकार बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर अधिक निवेश कर रही है।
ब्याज भुगतान का बोझ
राज्य सरकार को अपने कर्ज पर 7,929 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान करना होगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह राशि संतुलित है।
राजस्व अधिशेष की स्थिति
उत्तराखंड बजट 2026 एक सकारात्मक संकेत भी देता है। राज्य राजस्व अधिशेष बनाए रखने में सफल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026–27 में राजस्व अधिशेष लगभग 2,536 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसका अर्थ है कि राज्य की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है।
राजकोषीय घाटा 12,579 करोड़ रुपये
हालांकि उत्तराखंड बजट 2026 में राजकोषीय घाटा भी दिखाई देता है। वर्ष 2026–27 में यह लगभग 12,579 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा सरकार की कुल आय और कुल व्यय के बीच का अंतर होता है।
प्राथमिक घाटा 4,650 करोड़ रुपये
उत्तराखंड बजट 2026 दस्तावेज के अनुसार राज्य का प्राथमिक घाटा लगभग 4,650 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार वित्तीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में प्रयास कर रही है।
विकास योजनाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि सरकार निम्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही है:
- सड़क और परिवहन परियोजनाएं
- पर्यटन विकास
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं
- ऊर्जा और जल परियोजनाएं
- ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में निवेश सही तरीके से लागू किया गया तो राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
आर्थिक संतुलन और विकास का प्रयास
उत्तराखंड सरकार का यह बजट आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजस्व में वृद्धि, पूंजीगत निवेश में बढ़ोतरी और नियंत्रित घाटा इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाते हुए विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
वित्तीय वर्ष 2026–27 का उत्तराखंड बजट राज्य के आर्थिक विकास की दिशा को स्पष्ट करता है। कुल बजट आकार 1.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना यह दर्शाता है कि सरकार विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दे रही है।
राजस्व अधिशेष बनाए रखना और पूंजीगत निवेश बढ़ाना इस बजट की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन बजट प्रावधानों का राज्य के विकास पर कितना प्रभाव पड़ता है।
