उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में नकल और गड़बड़ी के आरोपों ने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की शिकायतें जब लगातार तेज़ हुईं, तब सरकार ने ताबड़तोड़ कदम उठाते हुए मामले की जांच के लिए विशेष अन्वेषण दल (SIT) गठित कर दिया है।
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कौन-कौन हैं SIT में शामिल?
सरकार ने इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए अनुभवी और तेजतर्रार अधिकारियों की एक टीम बनाई है, जिसकी कमान महिला आईपीएस अधिकारी श्रीमती जया बलूनी, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), देहरादून को सौंपी गई है।
SIT में शामिल अधिकारी:
- अध्यक्ष: श्रीमती जया बलूनी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, देहरादून
- सदस्य: श्री अंकित कंडारी, क्षेत्राधिकारी, देहरादून
- सदस्य: लक्ष्मण सिंह नेगी, निरीक्षक, स्थानीय अभिसूचना इकाई, देहरादून
- सदस्य: श्री गिरीश नेगी, उप निरीक्षक/थानाध्यक्ष रायपुर, देहरादून
- सदस्य: श्री राजेश ध्यानी, उप निरीक्षक, साईबर पुलिस स्टेशन, देहरादून
SIT की ताकत और जिम्मेदारी
- इस SIT का कार्यक्षेत्र पूरे प्रदेश में होगा।
- यह हर स्तर पर नकल माफिया, दलालों और संदेहास्पद तंत्र का भंडाफोड़ करेगी।
- दल विभिन्न स्रोतों से मिली सूचनाओं, शिकायतों और तथ्यों का बारीकी से परीक्षण करेगा।
- SIT को रिपोर्ट सौंपने के लिए सिर्फ एक माह का समय दिया गया है।
अध्यक्ष जया बलूनी को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं कि वह ज़रूरत पड़ने पर अन्य विशेषज्ञों और अधिकारियों का सहयोग भी ले सकती हैं।
युवाओं के भविष्य पर सरकार का दांव
उत्तराखंड सरकार साफ कर चुकी है कि नकल माफिया को जड़ से खत्म किए बिना चैन नहीं लिया जाएगा। यह कदम साफ संदेश है कि युवाओं की मेहनत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस SIT की रिपोर्ट पर ही भविष्य की कार्रवाई तय होगी और संभव है कि बड़ी गिरफ्तारियां और कठोर दंडात्मक कार्रवाई देखने को मिले।
