ये वीडियो देख आप भी हो जाएंगे हैरान: सुनील ग्रोवर की एक्टिंग को क्यों कहा जा रहा है ‘ग्रोवरिंग’

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कॉमेडी और एक्टिंग के बीच की पारंपरिक लकीर को फिर चर्चा में ला दिया है। इस वीडियो में दिख रही परफॉर्मेंस को दर्शक साधारण नक़ल या मिमिक्री मानने को तैयार नहीं हैं। इसी बहस के बीच एक नया शब्द सामने आया है— ग्रोवरिंग

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वायरल वीडियो में ग्रोवरिंग स्टाइल की परफॉर्मेंस क्यों चर्चा में है

Sunil Grover के X पर ट्रेडिंग इस वायरल वीडियो में किरदार केवल किसी व्यक्ति की नकल तक सीमित नहीं दिखता। आवाज़, बॉडी लैंग्वेज, चेहरे के भाव और सोच—सब मिलकर एक ऐसा कैरेक्टर बनाते हैं, जो अपनी अलग पहचान स्थापित करता है। यही वजह है कि दर्शक इसे पारंपरिक मिमिक्री से अलग मान रहे हैं और इसे एक्टिंग का नया रूप बता रहे हैं।

ग्रोवरिंग क्या है और यह मिमिक्री से कैसे अलग मानी जा रही है

ग्रोवरिंग को लेकर हो रही चर्चा में एक बात साफ है—यह किसी मौजूदा शख्स की सीधी कॉपी नहीं है। इस परफॉर्मेंस में प्रेरणा भले ही वास्तविक जीवन से ली गई हो, लेकिन अंतिम परिणाम एक नया, स्वतंत्र किरदार है। इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग इसे कैरेक्टर-बिल्डिंग आधारित एक्टिंग का उदाहरण मान रहे हैं, न कि केवल कॉमेडी स्केच।

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सोशल मीडिया पर ग्रोवरिंग को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूज़र्स ने लिखा कि वीडियो देखकर हैरानी होती है कि एक कलाकार किस तरह किसी पहचान को तोड़कर नया रूप गढ़ देता है। कुछ प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि ग्रोवरिंग जैसी परफॉर्मेंस लंबे समय तक याद रखी जाती है, क्योंकि इसमें केवल हंसी नहीं, बल्कि अभिनय की गहराई भी दिखाई देती है।

मिमिक्री बनाम ग्रोवरिंग: बदलती कॉमेडी का संकेत

भारतीय कॉमेडी लंबे समय तक इम्प्रेशन और नक़ल आधारित रही है। लेकिन दर्शकों की बदलती पसंद के साथ कैरेक्टर-ड्रिवन कंटेंट को ज्यादा तवज्जो मिलने लगी है। ग्रोवरिंग को इसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जहां कलाकार केवल आवाज़ या हाव-भाव नहीं, बल्कि पूरा व्यक्तित्व रचता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्रोवरिंग क्यों टिकाऊ मानी जा रही है

डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट की मांग बढ़ रही है, जो शॉर्ट-टर्म वायरल होने के साथ-साथ रीप्ले वैल्यू भी रखे। ग्रोवरिंग जैसे अभिनय मॉडल इसी जरूरत पर फिट बैठते हैं। यही कारण है कि यह वीडियो केवल ट्रेंड तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि भविष्य की एक्टिंग स्टाइल पर बहस को भी जन्म देता है।

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