DM Savin Bansal Raid: ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार ऑफिस में छापा, अवैध रजिस्ट्री से लेकर घोस्ट कर्मचारी तक बड़ा खुलासा

प्रशासनिक सिस्टम को झकझोर देने वाला दिनऋषिकेश का सब रजिस्ट्रार कार्यालय, जो आम नागरिकों के लिए भरोसे का केंद्र होना चाहिए था, वह भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और खुली अवैधता का अड्डा बन चुका था—यह खुलासा तब हुआ जब DM Savin Bansal  ने अचानक कार्यालय पर छापा मारा। निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई, उसने न सिर्फ प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि पूरे सिस्टम Confirm Risk Mode में चला गया।

सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)

Table of Contents


⚠️ सब रजिस्ट्रार गायब, लिपिक कर रहा था रजिस्ट्री – सीधी कानून-उल्लंघन की तस्वीर

निरीक्षण का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में लिपिक अवैध रूप से विलेखों का निबंधन कर रहा था।
जब DM Savin Bansal ने लिपिक से 47-ए (संपत्ति मूल्यांकन) को लेकर सवाल किया—

“जब आपको मूल्यांकन की प्रक्रिया का ज्ञान ही नहीं, तो स्टांप शुल्क कैसे पास किया?”

तो संबंधित कर्मी के पास कोई जवाब नहीं था। यह साफ संकेत था कि ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय छापा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक फेल्योर का खुलासा था।


बड़ा धार्मिक फैसला? चारधाम में गैर-हिंदुओं की ‘NO ENTRY’ पर मंथन, पुरोहित समाज का खुला समर्थन

💰 औद्योगिक जमीन को आवासीय दरों पर रजिस्ट्री – करोड़ों की स्टांप चोरी की आशंका

निरीक्षण में सामने आया कि कई औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर आवासीय दरों पर रजिस्ट्री की गई।
यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की संभावित स्टांप चोरी का है।

डीएम सविन बंसल ने इस पूरे प्रकरण पर तत्काल विस्तृत आख्या तलब करते हुए साफ कर दिया कि यह मामला Zero Tolerance Zone में है।


👻 घोस्ट कर्मचारी का खुलासा – न नियुक्ति पत्र, न हाजिरी

औचक निरीक्षण के दौरान एक ऐसा कर्मचारी पकड़ा गया,

  • ❌ न कोई नियुक्ति पत्र
  • ❌ न उपस्थिति पंजिका में नाम

स्पष्ट शब्दों में—घोस्ट कार्मिक
डीएम ने तत्काल सभी कार्मिकों का पूरा रिकॉर्ड तलब कर लिया, जिससे यह संकेत साफ है कि अब ऑडिट मोड ऑन हो चुका है।


💻 पुराना संदिग्ध डेटाबेस – कंप्यूटर और विलेख जब्त

कार्यालय में पुराने और संदिग्ध डेटाबेस पर काम किया जा रहा था, जिसके उपयोग का कोई वैध कारण नहीं बताया जा सका।
DM Savin Bansal ने:

  • सभी संदिग्ध/कूटरचित विलेख
  • कार्यालय का कंप्यूटर

तत्काल जब्त कर तहसील प्रशासन को सुपुर्द कर दिया। यह कार्रवाई आने वाले बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रही है।


📂 सैकड़ों मूल विलेख महीनों से लंबित – नियमों की खुलेआम धज्जियाँ

जहां नियम कहता है कि 3 दिन में मूल अभिलेख लौटाए जाएं, वहीं निरीक्षण में सामने आया कि:

  • सैकड़ों विलेख 6 महीने से अधिक समय से लंबित
  • कई फाइलें अलमारी में धूल खा रही थीं

आम नागरिक महीनों से चक्कर काट रहे थे, लेकिन न विलेख मिल रहे थे, न नकल।


24 घंटे की नकल, मगर सालों की देरी – भ्रष्ट सिस्टम का आईना

अर्जेंट रजिस्ट्री नकल, जिसे नियम अनुसार 24 घंटे में देना अनिवार्य है,
वह कई मामलों में महीनों और वर्षों से लंबित पाई गई।

यह स्थिति साफ संकेत देती है कि ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय छापा महज निरीक्षण नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने की शुरुआत है।


Dm Savin bansal Raid

🕤 9:30 बजे कार्यालय, पहली रजिस्ट्री 11:15 पर – जवाबदेही Zero

कार्यालय समय पर खुलने के बावजूद काम शुरू करने में भारी देरी पाई गई।
जब DM Savin Bansal ने कारण पूछा, तो किसी भी कार्मिक के पास कोई संतोषजनक उत्तर नहीं था।


🗣️ फरियादियों की आवाज – डीएम के सामने फूटा गुस्सा

मौके पर मौजूद आम लोगों ने:

  • अवैध वसूली
  • जानबूझकर देरी
  • मूल अभिलेख न मिलने

जैसी शिकायतें खुलकर रखीं।
इस पर DM Savin Bansal ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।


⚖️ DM Savin Bansal का सख्त संदेश – Action Inevitable

DM Savin Bansal ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।”

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी योगेश मेहर, तहसीलदार चमन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com