ऋषिकेश बाईपास 4 लेन को मिली 1105 करोड़ की मंजूरी, बदल जाएगी उत्तराखंड की ट्रैफिक तस्वीर

ऋषिकेश बाईपास 4 लेन। उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मोर्चे पर एक बड़ा ब्रेकथ्रू सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निरंतर प्रयासों और रणनीतिक पैरवी का ठोस परिणाम अब जमीन पर उतरता दिख रहा है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय न केवल राज्य की ट्रैफिक चुनौतियों का समाधान करेगा, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सेक्टर को भी नई गति देगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के नेतृत्व में यह स्वीकृति उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर माइलस्टोन के रूप में देखी जा रही है।

12.67 किमी का स्ट्रेटेजिक बाईपास, जाम से मिलेगी राहत

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह ऋषिकेश बाईपास 4 लेन भट्टोवाला और ढालवाला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। लंबे समय से ऋषिकेश में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या बना हुआ था, खासकर यात्रा सीजन के दौरान, जब हजारों वाहन एक साथ शहर में प्रवेश करते हैं। इस बाईपास के निर्माण से शहर के भीतर का ट्रैफिक लोड कम होगा और वाहनों को एक वैकल्पिक, तेज और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।

ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना को EPC (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर लागू किया जाएगा, जिससे कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों सुनिश्चित हो सकें। यह मॉडल सरकार के लिए एक प्रभावी डिलीवरी मैकेनिज्म साबित हुआ है, जिसमें परियोजना का पूरा दायित्व ठेकेदार के पास होता है और तय समय में कार्य पूरा करना अनिवार्य होता है।

ऋषिकेश बाईपास 4 लेन

धामी सरकार की सक्रिय पैरवी, केंद्र से मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस स्वीकृति को राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार लगातार सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। यह ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना उसी रणनीतिक दृष्टिकोण का परिणाम है, जिसमें राज्य के प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऋषिकेश बाईपास 4 लेन बाईपास परियोजना न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान करेगी, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी बड़ी राहत देगी। इसके साथ ही, यह चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए एक सुगम और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगी, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर होगा और प्रशासनिक प्रबंधन भी आसान बनेगा।

लागत में ऑप्टिमाइजेशन, तय समय में पूरा करने का लक्ष्य

इस ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना की लागत को भी रणनीतिक रूप से ऑप्टिमाइज किया गया है। प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। यह लागत प्रबंधन दर्शाता है कि परियोजना को वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना को तीन वर्षों की निर्धारित समयावधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य में किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि या समय विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके।

चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बूस्ट

ऋषिकेश चारधाम यात्रा का मुख्य प्रवेश द्वार है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां से यात्रा की शुरुआत करते हैं। ट्रैफिक जाम और धीमी आवाजाही लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है और यात्रा का समय भी बढ़ जाता है। इस ऋषिकेश बाईपास 4 लेन के बनने से यात्रा मार्ग अधिक व्यवस्थित होगा और वाहनों की आवाजाही तेज होगी।

पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी से अधिक पर्यटक ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों की ओर आकर्षित होंगे, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल और स्थानीय व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

प्रशासनिक स्पष्टता और बजट प्रावधान

इस परियोजना का व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है, जिससे वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में स्पष्टता बनी रहेगी।

यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप ही किए जाएं, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर कोई समझौता न हो।

निष्कर्ष: विकास की रफ्तार को मिला नया ट्रैक

ऋषिकेश बाईपास 4-लेन परियोजना उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक निर्णायक कदम है। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि एक व्यापक विकास दृष्टि का हिस्सा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई ऊंचाई पर ले जाने की क्षमता रखती है।

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मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में और केंद्र सरकार के सहयोग से यह ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना दर्शाती है कि उत्तराखंड तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव न केवल ऋषिकेश बल्कि पूरे राज्य की विकास यात्रा में साफ दिखाई देगा।

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