उत्तरकाशी | 22 जनवरी 2026
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम ने एक बार फिर कड़ा रुख अपना लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दो दिनों तक भारी वर्षा और भारी बर्फबारी की आशंका को देखते हुए Orange Alert Uttarakhand लागू किया गया है। अलर्ट जारी होते ही उत्तरकाशी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।
🔔 ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन अलर्ट मोड में
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं और इस दौरान जनपद में हाई अलर्ट की स्थिति रहेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि आम जनजीवन को सुरक्षित रखा जा सके।

🧭 आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता, कोई ढिलाई नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि Orange Alert Uttarakhand को हल्के में लेने की कोई गुंजाइश नहीं है। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी फील्ड में सतर्क रहें और लगातार स्थिति पर नजर रखें। संवेदनशील इलाकों से रियल-टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हालात बिगड़ने से पहले ही आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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🛣️ सड़कें खुली रखने पर विशेष जोर
भारी बर्फबारी की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), बीआरओ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों को हर हाल में खुला रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बर्फबारी की स्थिति में पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल पहले से ही संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहे। सड़क बंद होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर यातायात बहाल किया जाए।
⚡🚰 बिजली और पानी बाधित हुआ तो तुरंत बहाली
Orange Alert Uttarakhand के चलते बिजली और जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए विद्युत विभाग और जल संस्थान को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होती है तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए और बहाली में अनावश्यक देरी न हो। अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
🏔️ संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त निगरानी
जहां अधिक बर्फबारी से जनजीवन को खतरा हो सकता है, उन क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि अगले दो दिनों के लिए ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों को नियंत्रित तरीके से संचालित किया जाएगा। मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक जोखिम उठाने से बचने की सलाह दी गई है।
🖥️ वीसी के माध्यम से जुड़े अधिकारी
समीक्षा बैठक में एसडीएम बड़कोट ब्रजेश तिवारी, डीएफओ डी.पी. बलूनी, डीटीडीओ के.के. जोशी सहित सभी संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। बैठक में आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुस्साईं भी उपस्थित रहे। सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर स्टैंडबाय मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
🟠 इन जिलों में भी Orange Alert Uttarakhand
मौसम विभाग के अनुसार Orange Alert Uttarakhand के दायरे में उत्तरकाशी के साथ-साथ
देहरादून,
रुद्रप्रयाग,
चमोली,
बागेश्वर और
पिथौरागढ़
जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।
📢 प्रशासन की जनता से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि Orange Alert Uttarakhand के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम संबंधी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करें। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Orange Alert Uttarakhand के बीच उत्तरकाशी प्रशासन की यह सक्रिय तैयारी साफ संकेत देती है कि जनसुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले 48 घंटे निर्णायक हैं और प्रशासन पूरी तरह ऑपरेशनल रेडीनेस में है। हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपदा से पहले प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
