उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हालिया भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने तेज़ और समन्वित कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख मोटर मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग हो या ग्रामीण संपर्क मार्ग—लगातार स्नो क्लियरेंस और मशीनरी तैनाती से जनजीवन को पटरी पर लाने का प्रयास साफ दिखाई दे रहा है।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)🛣️ NH-134 यमुनोत्री रोड पूरी तरह खुली
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार:
- पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक NH-134 पर बर्फ हटाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है
- यह मार्ग अब सभी प्रकार के वाहनों के लिए सुचारू कर दिया गया है

यमुनोत्री धाम मार्ग के खुलने से स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रा से जुड़े लोगों और आवश्यक सेवाओं को बड़ी राहत मिली है। यह सड़क न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि रणनीतिक और प्रशासनिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
❄️ सुखी टॉप के पास JCB से स्नो क्लियरेंस
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
सुखी टॉप के पास JCB मशीनों की मदद से बर्फ हटाई गई, जिसके बाद इस संवेदनशील क्षेत्र में मार्ग को सुरक्षित रूप से खोल दिया गया।
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यहां निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा बर्फ जमने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
🚜 कुआ–कफनौल से राड़ी मोटर मार्ग पर कार्य जारी
ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता देते हुए:
- कुआ–कफनौल से राड़ी मोटर मार्ग (MDR)
- किमी 26 पर JCB मशीन से स्नो क्लियरेंस और मलबा हटाने का कार्य जारी है

यह मार्ग कई दूरस्थ गांवों को जोड़ता है। इसके खुलने से दूध, सब्ज़ी, राशन और स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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🛤️ सुवाखोली–मोरियाण मोटर मार्ग भी बहाल
इसी क्रम में सुवाखोली–मोरियाण मोटर मार्ग को भी यातायात के लिए खोल दिया गया है।
बीते दिनों मौसम खराब होने के कारण यह मार्ग बंद था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मार्ग खुलते ही:
- स्कूल जाने वाले बच्चों की आवाजाही आसान हुई
- मरीजों को अस्पताल पहुंचाना संभव हुआ
- स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को गति मिली
👮♂️ प्रशासन की अपील: सतर्कता जरूरी
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि:
- खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें
- पहाड़ी सड़कों पर धीमी और सुरक्षित ड्राइविंग करें
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त मशीनरी और कर्मी अलर्ट मोड पर हैं।
एक तरफ बर्फबारी ने पहाड़ों में चुनौती खड़ी की, तो दूसरी ओर तेज़ प्रशासनिक कार्रवाई, JCB मशीनों की तैनाती और जमीनी निगरानी ने हालात को काबू में रखा।
NH-134 यमुनोत्री रोड से लेकर सुवाखोली–मोरियाण और सुखी टॉप तक सड़कों का खुलना यह दिखाता है कि आपदा प्रबंधन अब कहीं अधिक प्रो-एक्टिव और प्रभावी हो चुका है।
