उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) एक बार फिर राज्य की राजनीति का केंद्र बन गई। यहां आयोजित गैरसैंण बजट सत्र 2026 की शुरुआत बेहद गरिमामय माहौल में हुई, जब राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने विधानसभा परिसर में आयोजित परेड की सलामी ली और इसके बाद विधानसभा में अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का संबोधन सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैरसैंण बजट सत्र 2026 राज्य के विकास एजेंडे को तय करने वाला अहम सत्र साबित हो सकता है।
परेड की सलामी के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक बजट सत्र

गैरसैंण विधानसभा परिसर में सत्र की शुरुआत एक औपचारिक परेड से हुई। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पुलिस और सुरक्षा बलों की परेड की सलामी ली। इस दौरान पूरा परिसर अनुशासन और सम्मान के माहौल से भरा नजर आया।
उत्तराखंड की राजनीति में भराड़ीसैंण का विशेष महत्व है। यह स्थान सिर्फ विधानसभा सत्र का स्थल नहीं बल्कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की पहचान और आकांक्षाओं का प्रतीक माना जाता है।
जब भी गैरसैंण बजट सत्र 2026 आयोजित होता है, तो पूरे राज्य की नजरें यहां होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिक जाती हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट

बजट सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने आगामी बजट की रूपरेखा और सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में भी राज्यपाल को जानकारी दी।
इस मुलाकात में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल और कई विधायक भी मौजूद रहे।
विधानसभा के लिए साथ पहुंचे राज्यपाल, स्पीकर और मुख्यमंत्री

सत्र की औपचारिक शुरुआत से पहले राज्यपाल गुरमीत सिंह, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक साथ विधानसभा भवन की ओर रवाना हुए।
इस दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन पहले से ही सत्र की तैयारियों में जुटे हुए थे।
गैरसैंण में आयोजित यह सत्र सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राज्य की लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
राज्यपाल का अभिभाषण: सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
राज्यपाल के संबोधन में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों का जिक्र किया गया, जिनमें शामिल हैं:
1 पर्यटन विकास
उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
2 इंफ्रास्ट्रक्चर
पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, कनेक्टिविटी और परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
3 रोजगार
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार का विशेष फोकस है।
4 महिला सशक्तिकरण
महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
5 स्वास्थ्य और शिक्षा
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गैरसैंण बजट सत्र 2026 में सरकार कई बड़े आर्थिक फैसलों की घोषणा कर सकती है।
गैरसैंण का महत्व: क्यों खास है यह विधानसभा सत्र
गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जा चुका है। राज्य गठन के बाद से ही इसे स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठती रही है।
इसी कारण यहां होने वाला हर विधानसभा सत्र प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
गैरसैंण में सत्र आयोजित करने से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
बजट सत्र में उठ सकते हैं ये बड़े मुद्दे
राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बजट सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इनमें प्रमुख हैं:
- राज्य की आर्थिक स्थिति
- युवाओं के लिए रोजगार
- पलायन की समस्या
- पर्यटन विकास
- सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं
- निवेश और उद्योग
विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विकास कार्यों को सामने रखेगी।
उत्तराखंड की राजनीति में अहम मोड़
गैरसैंण में शुरू हुआ यह बजट सत्र उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
सरकार जहां विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
इसलिए गैरसैंण बजट सत्र 2026 सिर्फ एक बजट सत्र नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है।
उत्तराखंड की राजनीति, बजट सत्र और राज्य की बड़ी खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
#Gairsain
#UttarakhandAssembly
#PushkarSinghDhami
#GurmitSingh
#UttarakhandPolitics
#Bhararisain
#BudgetSession
#UttarakhandNews