मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के लिए 102 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी, कुम्भ-2027 से लेकर आपदा सुरक्षा तक बड़ा फैसला

विकास योजनाओ के साथ विकास, सुरक्षा और तैयारियों का स्पष्ट रोडमैप

उत्तराखंड सरकार ने एक साथ कई मोर्चों पर राज्य की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 102 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, कुम्भ मेला-2027 की तैयारियाँ, आपदा न्यूनीकरण, बाढ़ सुरक्षा, शहरी स्वच्छता, और शहीद सम्मान जैसे अहम विषय शामिल हैं।

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सरकार के इन फैसलों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आगामी वर्षों में उत्तराखंड की प्राथमिकताएँ केवल आयोजन-केंद्रित नहीं, बल्कि स्थायी सुरक्षा, आपदा-प्रतिरोधी ढांचे और जनसुविधा पर आधारित होंगी।


स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती: डॉक्टरों के लिए आवास, सेवा की निरंतरता का भरोसा

विकास योजनाओं के तहत जनपद ऊधम सिंह नगर के अंतर्गत उपजिला चिकित्सालय, बाजपुर में तैनात चिकित्सकों के लिए बड़ी राहत का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां 06 चिकित्साधिकारियों के लिए आवासीय भवनों के निर्माण हेतु ₹4 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

क्यों अहम है यह फैसला?

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डॉक्टरों की तैनाती अक्सर आवासीय सुविधाओं के अभाव में चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इस निर्णय से:

  • डॉक्टरों की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी
  • इमरजेंसी सेवाओं में समय की बचत होगी
  • अस्पतालों में मानव संसाधन स्थिरता बढ़ेगी

यह कदम स्वास्थ्य ढांचे को केवल भवन तक सीमित न रखकर सेवा-गुणवत्ता से जोड़ता है।


कुम्भ मेला-2027: सुरक्षा, प्रबंधन और सौंदर्यीकरण पर फुल-स्केल तैयारी

विकास योजनाओं के लिए 102 करोड़ स्वीकृत

उत्तराखंड के लिए कुम्भ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर का प्रशासनिक परीक्षण भी होता है। इसी दृष्टि से मुख्यमंत्री ने कुम्भ-2027 की तैयारियों के तहत भी विकास योजनाओं में दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।

कुंभ मेला 2027 को लेकर बड़ी तैयारी: हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर बनेगा 10 हजार यात्रियों का होल्डिंग एरिया

🔹 पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर – ₹50.27 करोड़

हरिद्वार जनपद में Proposed Police Command Control Center Building के नवीन निर्माण हेतु ₹50.27 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। यह केंद्र:

  • भीड़ प्रबंधन
  • सुरक्षा निगरानी
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स
  • रियल-टाइम कम्युनिकेशन

का केंद्रीय हब बनेगा।

🔹 हर की पैड़ी से ललतारों सेतु तक सौंदर्यीकरण – ₹9 करोड़

श्रद्धालुओं की सुविधा और ऐतिहासिक गलियों की पहचान को बनाए रखने के लिए:

  • गलियों का सुधारीकरण
  • पैदल यात्री-अनुकूल ढांचा
  • सौंदर्यीकरण

के लिए ₹9 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

🔹 कार्यदायी संस्था में बदलाव

इन कार्यों को लोक निर्माण खण्ड, लक्सर के बजाय स्मार्ट सिटी पीआईयू, देहरादून से कराए जाने का निर्णय लिया गया है, जो:

  • तकनीकी दक्षता
  • समयबद्ध निष्पादन
  • गुणवत्ता नियंत्रण

को प्राथमिकता देने की रणनीति दर्शाता है।


विकास योजनाओं से आपदा न्यूनीकरण: पुल, सड़क और संरचनाओं की सुरक्षा

उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य में आपदा-प्रबंधन केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूर्व-तैयारी का विषय है।

🔹 हरिद्वार (खानपुर विधानसभा क्षेत्र)

नारसन-हरजौली-जट मुडलाना-लंडौरा-जौरासी-बु‌ढ्ढाहेडी-बजेडी-राजपुताना मोटर मार्ग पर:

  • आरसीसी सेतु की क्षतिग्रस्त एप्रोच
  • सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹6.67 करोड़
  • प्रथम किश्त के रूप में ₹2.67 करोड़

विकास योजनाओं में स्वीकृत किए गए हैं।

यह मार्ग ग्रामीण आवागमन और कृषि परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के लिए ₹25 करोड़ की बड़ी राहत

लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण हेतु ₹32.50 करोड़ की मांग की गई थी।

मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं में इसके सापेक्ष:

  • ₹25 करोड़
  • राज्य आपदा मोचन निधि के पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद से
  • अवमुक्त करने का अनुमोदन

प्रदान किया है।

इसका सीधा असर:

  • सड़कों और पुलों की तेज मरम्मत
  • यातायात बाधाओं में कमी
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता

बाढ़ सुरक्षा योजनाएँ: पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों पर फोकस

🔹 चम्पावत (पूर्णागिरी)

हुड्डी नदी की बाढ़ से ग्राम छानीगोठ की सुरक्षा हेतु:

  • कुल योजना: ₹5.75 करोड़
  • प्रथम किश्त: ₹2.30 करोड़

🔹 चमोली (गैरसैंण)

रामगंगा नदी तट पर:

  • भू-कटाव और आवासीय भवनों की सुरक्षा
  • कुल योजना: ₹6.83 करोड़
  • प्रथम किश्त: ₹2.74 करोड़

🔹 उत्तरकाशी (हर्षिल)

भागीरथी नदी के दाएं तट पर:

  • आवासीय एवं अनावासीय भवनों की सुरक्षा
  • कुल योजना: ₹10.24 करोड़
  • प्रथम किश्त: ₹4.10 करोड़

🔹 देहरादून (धर्मपुर विधानसभा)

सुसवा नदी के दोनों तटों पर:

  • दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ़ सुरक्षा
  • कुल योजना: ₹4.30 करोड़
  • प्रथम किश्त: ₹1.72 करोड़

इन विकास योजनाओं से स्पष्ट है कि सरकार आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम घटाने की दिशा में चरणबद्ध निवेश कर रही है।


शहरी स्वच्छता और शहीद सम्मान

🔹 लीगेसी वेस्ट निस्तारण – ईमलीखेड़ा

नगर पंचायत ईमलीखेड़ा में:

  • पुराने कचरे (Legacy Waste) के निस्तारण हेतु
  • ₹13.90 लाख की स्वीकृति

यह निर्णय स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम है।

🔹 शहीद अनुज नेगी के नाम पर विद्यालय

जनपद पौड़ी गढ़वाल के:

  • राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
  • डोबरियासार, रिखणीखाल

का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर रखने का अनुमोदन दिया गया है। यह फैसला शिक्षा के साथ-साथ शौर्य और बलिदान की स्मृति को स्थायी बनाता है।


विकास योजनाओं से आगे, एक स्पष्ट शासन दृष्टि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वीकृत ये योजनाएँ केवल बजट आवंटन नहीं हैं, बल्कि:

  • कुम्भ-2027 की वैश्विक तैयारी
  • आपदा-प्रतिरोधी उत्तराखंड
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता का सुदृढ़ ढांचा
  • और सांस्कृतिक-सामाजिक मूल्यों का सम्मान

का संयुक्त रोडमैप प्रस्तुत करती हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय-पैकेज आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक क्षमता को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

 

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