बिहार राज्यसभा चुनाव में RJD-कांग्रेस को झटका, NDA ने जीतीं सभी 5 सीटें

भारतीय राजनीति में राज्यसभा चुनाव अक्सर शांत माने जाते हैं, लेकिन बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 ने सियासी हलकों में बड़ा भूचाल ला दिया है। जिस मुकाबले को विपक्षी गठबंधन RJD-कांग्रेस आसान मान रहा था, वहीं मतदान के बाद तस्वीर बिल्कुल उलट दिखाई दी।

सबसे बड़ा झटका तब लगा जब AIMIM के 5 विधायकों के समर्थन के बावजूद RJD-कांग्रेस गठबंधन एक सीट हार गया। खबरों के मुताबिक मतदान के दौरान कांग्रेस के 3 विधायक और RJD का 1 विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे, जिससे समीकरण पूरी तरह बदल गया और NDA ने सभी 5 सीटें जीत लीं

इस परिणाम ने बिहार की राजनीति में “ खेला” की चर्चा तेज कर दी है। खास बात यह भी है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सांसद बन गए हैं, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा पहुंच गए।


राज्यसभा चुनाव में कैसे बदला खेल

बिहार विधानसभा में सीटों के हिसाब से देखा जाए तो विपक्ष को उम्मीद थी कि वह कम से कम एक सीट जीत लेगा।

RJD, कांग्रेस और सहयोगी दलों के पास पर्याप्त संख्या मानी जा रही थी, वहीं AIMIM के 5 विधायकों ने भी विपक्ष का समर्थन करने का ऐलान किया था।

लेकिन मतदान के दिन अचानक समीकरण बदल गए।

  • कांग्रेस के 3 विधायक वोटिंग से अनुपस्थित रहे
  • RJD का 1 विधायक भी वोट नहीं डाल पाया

इन चार वोटों की कमी ने विपक्ष की पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया। परिणामस्वरूप NDA ने सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर ली

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव में अक्सर क्रॉस-वोटिंग या अनुपस्थित मतदान से परिणाम बदल जाते हैं, लेकिन बिहार में इस बार जो हुआ उसने विपक्ष को पूरी तरह चौंका दिया।


NDA की बड़ी जीत: सभी 5 सीटें अपने नाम

 

इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पूरी ताकत से मैदान में उतरकर विपक्ष को करारा झटका दिया।

NDA के उम्मीदवारों में प्रमुख नाम शामिल रहे:

  • नीतीश कुमार (JDU)
  • नितिन नवीन (BJP)
  • अन्य गठबंधन उम्मीदवार

मतदान के बाद परिणाम आया कि NDA के सभी पांचों उम्मीदवार जीत गए

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बिहार में हाल के महीनों में राजनीतिक समीकरण कई बार बदल चुके हैं।


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नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद

इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यह रही कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब आधिकारिक रूप से राज्यसभा सांसद बन गए हैं

राजनीतिक रणनीति के तहत उन्हें राज्यसभा भेजा गया है। माना जा रहा है कि इससे पार्टी के अंदर और केंद्र की राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।

नीतीश कुमार भारतीय राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने बिहार की राजनीति में कई बार सत्ता परिवर्तन का नेतृत्व किया है और गठबंधन राजनीति के बड़े खिलाड़ी माने जाते हैं।


नितिन नवीन की एंट्री से भाजपा मजबूत

इस चुनाव में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन का राज्यसभा पहुंचना भी पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।

भाजपा लंबे समय से बिहार में अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है और नितिन नवीन को राज्यसभा भेजना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा को राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर रणनीतिक लाभ मिल सकता है।


बिहार राज्यसभा चुनाव विपक्ष के लिए बड़ा झटका

RJD और कांग्रेस के लिए यह परिणाम बेहद निराशाजनक माना जा रहा है।

विपक्ष को भरोसा था कि AIMIM के समर्थन से वह कम से कम एक सीट जीत लेगा, लेकिन अपने ही विधायकों की अनुपस्थिति ने पूरी रणनीति पर पानी फेर दिया

अब विपक्ष के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं:

  • विधायक वोटिंग के दौरान क्यों अनुपस्थित रहे?
  • क्या यह रणनीतिक चूक थी या अंदरूनी असंतोष?
  • क्या भविष्य में विपक्षी गठबंधन मजबूत रह पाएगा?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और गरमा सकते हैं।


बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर

राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम आने वाले समय में बिहार की राजनीति को कई तरीकों से प्रभावित कर सकता है।

  1. NDA का मनोबल बढ़ेगा
  2. विपक्षी गठबंधन में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ सकते हैं
  3. आगामी चुनावों में राजनीतिक रणनीति बदल सकती है

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम केवल राज्यसभा चुनाव का नतीजा नहीं है, बल्कि बिहार की भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है


क्या था AIMIM का रोल

AIMIM के पांच विधायकों ने विपक्ष को समर्थन देने की घोषणा की थी, जिससे उम्मीद थी कि RJD-कांग्रेस गठबंधन को फायदा होगा।

लेकिन जब विपक्ष के अपने ही विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए तो AIMIM का समर्थन भी बेकार साबित हुआ।

इस वजह से यह चुनाव बिहार में “खेला” के रूप में चर्चा का विषय बन गया।

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 ने यह साबित कर दिया कि राजनीति में आखिरी पल तक कुछ भी बदल सकता है।

जहां विपक्ष एक सीट जीतने की उम्मीद कर रहा था, वहीं NDA ने सभी पांच सीटें जीतकर विपक्ष को बड़ा झटका दे दिया

नीतीश कुमार का राज्यसभा पहुंचना और नितिन नवीन की एंट्री आने वाले समय में बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बना सकती है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्ष इस हार से क्या सबक लेता है और NDA इस जीत को कैसे राजनीतिक लाभ में बदलता है

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