- भारत में खेलों में बड़ा बदलाव! लोकसभा ने पास किया नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल। जानिए, कैसे यह BCCI से लेकर ओलंपिक तैयारी तक सब कुछ बदल देगा।
नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025: भारतीय संसद के इतिहास में आज का दिन खेल जगत के लिए बेहद खास रहा। लोकसभा में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल 2025 को पास कर दिया गया। खेल मंत्री मानसुख मांडविया ने इसे “आजादी के बाद का सबसे बड़ा खेल सुधार” करार दिया।
सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया, नारेबाज़ी हुई, और कई सांसदों को हिरासत में लिया गया। बावजूद इसके, सरकार ने आवाज़ी वोट से बिल को पास कर दिखाया।
बिल में क्या है खास?
इस बिल का मकसद खेल संगठनों में पारदर्शिता, खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा, और डोपिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाना है। आइए जानते हैं इसकी प्रमुख बातें।
1. नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB)
हर खेल फेडरेशन को अब NSB से मान्यता लेनी होगी।अगर किसी फेडरेशन ने चुनाव नहीं कराया या पैसों में गड़बड़ी पाई गई, तो मान्यता रद्द हो सकती है।सरकारी फंड लेने वाले संगठनों पर RTI लागू होगा, लेकिन BCCI को राहत मिली है क्योंकि वह सरकारी फंड पर निर्भर नहीं।
2. नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल
खिलाड़ियों और फेडरेशनों के बीच विवाद यहीं सुलझेंगे।फैसलों को सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी।खिलाड़ी चयन, अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे मामलों पर तेजी से निर्णय होगा।
3. RTI का दायरा बढ़ा
सरकारी फंड लेने वाली सभी खेल संस्थाएं अब RTI के तहत आएंगी।जनता खेल संगठनों से यह पूछ सकेगी कि फंड का इस्तेमाल कहां और कैसे हुआ।
4. उम्र सीमा में बदलाव
पहले खेल फेडरेशनों में पदाधिकारी बनने की अधिकतम उम्र 70 साल थी, अब इसे बढ़ाकर 75 किया गया है (अगर अंतरराष्ट्रीय नियम अनुमति दें)।
5. खिलाड़ियों और महिलाओं की हिस्सेदारी
हर फेडरेशन की समिति में कम से कम 4 महिलाएं और 2 पूर्व खिलाड़ी होंगे।कोई भी अध्यक्ष या सचिव 3 से अधिक कार्यकाल तक पद पर नहीं रह सकेगा।एंटी-डोपिंग बिल 2025 की अहम बातें
NADA (National Anti-Doping Agency) को पूरी स्वतंत्रता मिलेगी।
अब सरकार का सीधा दखल डोपिंग मामलों में खत्म होगा।
डोपिंग से जुड़े फैसले WADA (World Anti-Doping Agency) के नियमों के मुताबिक होंगे।
जांच, सस्पेंशन और फैसलों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
2036 ओलंपिक की तैयारी
खेल मंत्री मांडविया ने कहा:
“यह बिल भारत को खेलों में विश्वस्तरीय बनाएगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में बड़ा कदम है।”
इसके साथ ही, भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल ढांचे और खिलाड़ियों के लिए संसाधन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
विपक्ष का विरोध
बिहार में SIR मुद्दे पर विपक्ष ने सदन में नारेबाज़ी और हंगामा किया।
कई सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च में हिरासत में लिए गए।
हालांकि, दो सांसदों ने बिल का समर्थन भी किया।
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इस बिल के संभावित प्रभाव
1. BCCI और अन्य खेल संस्थाएं निगरानी के दायरे में आएंगी।
2. खिलाड़ियों को न्याय और बेहतर चयन प्रक्रिया मिलेगी।
3. महिलाओं और खिलाड़ियों की निर्णय प्रक्रिया में हिस्सेदारी बढ़ेगी।
4. डोपिंग के खिलाफ सख्त और पारदर्शी कार्रवाई होगी।
5. भारत की ओलंपिक तैयार को मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय खेल ढांचे में बदलाव का रोडमैप है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो यह न केवल खिलाड़ियों के अधिकारों को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक खेल मंच पर और अधिक सम्मान दिला सकता है।
