📍 सोशल मीडिया डेस्क
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीब, डरावनी और चौंकाने वाली कहानी तेजी से वायरल हो रही है। दावा है कि देर रात एक महिला ने कब्रिस्तान (Graveyard) के अंदर से बिरयानी ऑर्डर की।
कहानी ने तब सनसनी का रूप ले लिया, जब डिलीवरी एजेंट ने फोन किया और महिला ने शांति से जवाब दिया—
“गेट से अंदर आ जाइए।”
इसके बाद इंटरनेट पर सवालों की बाढ़ आ गई।
📞 “मैम, मैं आ गया हूं… लेकिन यहां तो सिर्फ कब्रें हैं”
वायरल पोस्ट के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट जब लोकेशन पर पहुंचा तो उसे चारों तरफ सन्नाटा और कब्रें दिखाई दीं। घबराकर उसने ग्राहक को कॉल किया।
डिलीवरी एजेंट:
“मैम, मैं बिरयानी लेकर आ गया हूं, आप कहां हैं?”
महिला का जवाब:
“अंदर आ जाइए।”
👉 इसी एक लाइन ने पूरी कहानी को हॉरर टोन दे दिया।
😨 एजेंट ने अंदर जाने से किया इनकार
जैसे ही एजेंट को एहसास हुआ कि लोकेशन कब्रिस्तान के भीतर है, उसने अंदर जाने से इनकार कर दिया।
कथित तौर पर उसने कहा कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकता।
आख़िरकार ऑर्डर कैंसल कर दिया गया।
🧟♀️ “क्या चुड़ैलों को बिरयानी पसंद है?” — सोशल मीडिया का तंज
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और सवाल ट्रेंड करने लगे—
- “कब्रिस्तान में बिरयानी किसके लिए थी?”
- “ये प्रैंक था या हॉरर कंटेंट?”
- “क्या सच में कोई ‘मुर्दों की पार्टी’ चल रही थी?”
- और सबसे वायरल सवाल —
“क्या चुड़ैलों को बिरयानी अच्छी लगती है?”
👉 ज़रूरी बात:
ये सवाल हास्य और डर के मिश्रण में पूछे जा रहे हैं, न कि किसी वास्तविक दावे के तौर पर।
🧠 सच क्या है? डर, प्रैंक या सोशल मीडिया स्टंट?
अब तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक बड़ा वर्ग इसे—
- सोशल मीडिया प्रैंक
- स्क्रिप्टेड हॉरर स्टोरी
- या सिर्फ़ फेक वायरल कंटेंट
मान रहा है।
लेकिन यह भी सच है कि ऐसी कहानियाँ मानसिक डर (Psychological Fear) पैदा करती हैं—खासतौर पर उन लोगों के लिए जो देर रात अकेले काम करते हैं।
⚠️ डिलीवरी एजेंट्स की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
चाहे कहानी सच हो या न हो, इस घटना ने एक गंभीर मुद्दा जरूर उठाया है—
- क्या डिलीवरी एजेंट्स को Sensitive Locations (कब्रिस्तान, श्मशान, सुनसान इलाके) पर ऑर्डर रिजेक्ट करने का अधिकार मिलना चाहिए?
- क्या ऐप्स को ऐसी लोकेशन पर ऑटो-अलर्ट देना चाहिए?
- क्या “एंटरटेनमेंट” के नाम पर किसी की मानसिक सुरक्षा से खेलना ठीक है?
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💬 डर कहानी का है, असर असली
“मुर्दों की पार्टी” और “चुड़ैल” जैसे शब्द भले ही इंटरनेट स्लैंग हों,
लेकिन डिलीवरी एजेंट के लिए वह पल वास्तविक डर से भरा हो सकता है।
यही वजह है कि यह कहानी सिर्फ वायरल नहीं—विवादित भी बन गई है।
❓ आपकी राय क्या है?
क्या यह सिर्फ़ एक मज़ाक था?
या फिर हद पार करता हुआ सोशल मीडिया स्टंट?
👇 कमेंट में अपनी राय ज़रूर बताइए।