किसानों की आय बढ़ाने पर प्रशासन का फोकस, पॉलीहाउस और फसल बीमा पर सख्त निर्देश

क्लस्टर आधारित खेती को मिलेगा नया विस्तार

उत्तरकाशी, 16 दिसंबर। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नाबार्ड आईआरडीएफ योजना के अंतर्गत संचालित क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस, सब्जी एवं फूलों की खेती और फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तर पर समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने की।

पॉलीहाउस खेती को बढ़ावा देने के निर्देश

जिलाधिकारी ने मुख्य उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में पॉलीहाउस आधारित सब्जी और फूलों की खेती को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सीमित भूमि वाले किसानों के लिए आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकता है और मौसम की अनिश्चितता से भी सुरक्षा देता है।

सभी किसानों का शत-प्रतिशत फसल बीमा अनिवार्य

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पॉलीहाउस एवं उन्नत खेती से जुड़े सभी किसानों को फसल बीमा योजना से शत-प्रतिशत जोड़ा जाए। किसी भी प्राकृतिक आपदा या फसल क्षति की स्थिति में किसानों को समय पर मुआवजा मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन सहयोग पर जोर

उद्यान विभाग, नाबार्ड के प्रतिनिधि और बीमा कंपनी के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बताया गया कि चयनित क्लस्टरों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, गुणवत्तायुक्त बीज, सिंचाई सुविधाएं और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को फसल बीमा के लाभों से भी जोड़ा जा रहा है ताकि जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह, डीडीएम नाबार्ड पवित गुप्ता, एआर कॉपरेटिव प्रियंका घनसेला सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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