उत्तरकाशी, 08 अक्टूबर 2025 —
जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए ब्लॉक स्तरीय क्षेत्र पंचायत बैठकों की तिथियाँ जारी कर दी हैं। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी जिला स्तरीय अधिकारी और कार्यालयाध्यक्षों को इन बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश उत्तराखंड शासन, देहरादून के सरकारी गजट संख्या 128/XXXVI/(3)/2016, दिनांक 07 अप्रैल 2016 की धारा-66 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र पंचायतों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितकारी बनाना है, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
जारी कार्यक्रम के अनुसार, जिले के छह विकास खंडों में क्षेत्र पंचायत बैठकों का आयोजन सुबह 11:00 बजे से होगा। इन बैठकों में पंचायतें अपने कर्तव्यों, अधिकारों और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी, साथ ही शासन की योजनाओं के क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वयन से जुड़ी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी।

बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम:
- भटवाड़ी: 06 नवम्बर 2025 (गुरुवार) प्रातः 11:00 बजे
- डुण्डा: 07 नवम्बर 2025 (शुक्रवार) प्रातः 11:00 बजे
- चिन्यालीसौड़: 10 नवम्बर 2025 (सोमवार) प्रातः 11:00 बजे
- नौगांव: 12 नवम्बर 2025 (बुधवार) प्रातः 11:00 बजे
- पुरोला: 20 नवम्बर 2025 (बृहस्पतिवार) प्रातः 11:00 बजे
- मोरी: 21 नवम्बर 2025 (शुक्रवार) प्रातः 11:00 बजे
अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर सख्त निर्देश:
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यालयाध्यक्ष निर्धारित तिथियों के अनुसार क्षेत्र पंचायत बैठकों में भाग लेना सुनिश्चित करें।
किसी भी अधिकारी की अनुपस्थिति केवल जिलाधिकारी की लिखित अनुमति से ही स्वीकार की जाएगी। यदि कोई अधिकारी अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो पाता, तो उसे अपने वरिष्ठतम अधिकारी को पूर्ण विभागीय जानकारी के साथ बैठक में भेजना अनिवार्य होगा।
साथ ही, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन बैठकों की निर्धारित तिथियों में किसी भी प्रकार के विभागीय भ्रमण या आंतरिक मीटिंग्स प्रस्तावित न की जाएं, ताकि क्षेत्र पंचायत की बैठक में सभी अधिकारी समय पर उपस्थित रह सकें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र पंचायत द्वारा पारित प्रस्तावों पर नियमानुसार त्वरित निराकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और संबंधित खंड विकास अधिकारी को उसकी सूचना दी जाए।
यह आदेश जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण विकास की दिशा में जवाबदेही और समन्वय को मजबूत करने का एक सशक्त कदम है। ब्लॉक स्तरीय बैठकों के माध्यम से प्रशासन न केवल योजनाओं की समीक्षा करेगा, बल्कि ग्राम्य क्षेत्रों में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का भी आकलन करेगा।