उत्तरकाशी, 23 सितंबर 2025 – उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री रोपवे परियोजना को लेकर बड़े स्तर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में यमुनोत्री रोपवे की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ, भू-अधिग्रहण की स्थिति और स्थानीय जनता के सहयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए, आवश्यक तकनीकी परीक्षण समय-समय पर कराए जाएँ और पर्यावरण से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा, “यमुनोत्री रोपवे परियोजना केवल यात्रा को आसान बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है। इसलिए हर संबंधित अधिकारी को परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करना अनिवार्य होगा और विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। हमारा उद्देश्य है कि यह रोपवे परियोजना एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में देशभर में उदाहरण बने।”
बैठक के दौरान डीएफओ रविन्द्र पुंडीर, डीटीडीओ केके जोशी और अन्य अधिकारी वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंस) के माध्यम से जुड़े और परियोजना की विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों पर अपने सुझाव साझा किए।
यमुनोत्री रोपवे परियोजना से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, पर्यटन में वृद्धि होगी और उत्तरकाशी की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयसीमा और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए निर्देशित किया। परियोजना की समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि यमुनोत्री रोपवे न केवल तकनीकी दृष्टि से, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी सफल और सुरक्षित मॉडल परियोजना बनकर उभरेगा।