38वें राष्ट्रीय खेलों की ऊर्जा और उमंग से ओतप्रोत देवभूमि उत्तराखंड को दैदीप्यमान करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्य ने ‘तेजस्विनी’ मशाल को गुरुवार को हल्द्वानी के गौलापार स्टेडियम से हरी झंडी दिखाई। तेजस्विनी 3823 किलोमीटर की यात्रा करेगी।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है कि 38वें खेल की मेजबानी राज्य को मिली। हम सबका प्रयास रहेगा कि राष्ट्रीय खेल को भव्य और बेहतर तरीके से आयोजित कर मिसाल पेश की जाए। साथ ही संकल्प से शिखर तक की यह यात्रा आम जन के सहयोग से राज्य को शिखर तक ले जाएगी। सीएम ने कहा कि 13 जिलों के 99 स्थानों पर यह मशाल घूमेगी और आम जन को जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि नैनीताल में मशाल रैली 26 और 27 दिसंबर जो हल्द्वानी, भीमताल, धारी, ओखलकांडा, बेतालघाट, भवाली, नैनीताल, कालाढूंगी और रामनगर पहुंचेगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा खिलाड़ियों को कोच, खेल का माहौल या फिर उन्हें आर्थिक सहायता देनी हो, हमारी सरकार प्रत्येक स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रूपये की छात्रवृत्ति प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति के साथ ही 10 हजार रूपए खेल उपकरण खरीदने हेतु भी दिए जा रहे हैं। इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत अब तक प्रदेश के 17 हजार से अधिक खिलाड़ियों को कुल 33 करोड़ रूपए से अधिक की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। सीएम ने कहा कि नई खेल नीति से खेल को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय एवं अंतररष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण को पुन: लागू करने एवं प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे अनेकों निर्णय उनकी सरकार ने किए हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का औपचारिक आयोजन शुरू हो गया है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास बदल दीजिए। हमें शीर्ष पांच में अवश्य आना है। उन्होंने कहा कि अगर आप ऐसा कर सके तो आप आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श बन जाएंगे। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अगले 33 दिन खेल मशाल तेजस्विनी 3823 किलोमीटर का सफर करते हुए प्रदेश के सभी 13 जिलों से होकर गुजरेगी और खेल उद्घाटन की पूर्व संध्या पर देहरादून पहुंचेगी। आर्य ने कहा कि गौलापार को खेल विश्वविद्यालय के रूप में बहुत बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है और अब गौलापार खिलाड़यिों का नया तीर्थ बनकर उभरेगा। खेल विश्वविद्यालय ने केवल खिलाड़यिों का हुनर तराशने में मदद करेगा बल्कि उनके करियर को भी संवारेगा।
