3 दिन और 150 सवाल; अब्दुल मलिक से लंबी पूछताछ में अब तक क्या हासिल

पुलिस रिमांड में बुधवार को अब्दुल मलिक से पूछताछ का तीसरा दिन भी बीत गया। तीन दिन की पूछताछ में जहां पुलिस कोई ठोस जानकारी या सबूत नहीं जुटा पाई है, वहीं अब्दुल मलिक ने पुलिस को ही उलझाकर रख दिया है। सूत्र बताते हैं कि स्वयं एसएसपी और पुलिस के अन्य राजपत्रित अधिकारी मलिक से अब तक 150 से ज्यादा सवाल कर चुके हैं लेकिन स्पष्ट जवाब गिने-चुने सवालों के ही मिले हैं। अधिकांश सवालों के जवाब मलिक गोलमोल देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश में है।

सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)

पुलिस की पूछताछ में अब्दुल मलिक से उसकी संपत्ति, सरकारी भूमि पर कब्जा, धार्मिक स्थल और मदरसा निर्माण कराने और फर्जीवाड़ा कर जमीन का सौदा करने जैसे सवाल किए जा चुके हैं। खुद एसएसपी पीएन मीणा ने मलिक से करीब चार से पांच घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के करीब 10 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी भी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी तक मलिक से हिंसा में संलिप्तता से लेकर उसके फरार होने, उसकी अवैध संपत्ति, पत्नी साफिया और वांटेड बेटे मोईद को लेकर सवाल किए गए। मलिक ने कुछ ही सवालों के सटीक जवाब दिए और कई में पुलिस को उलझाने की कोशिश की। सूत्रों की मानें तो मलिक ने जवाब में उल्टा पुलिस पर ही सवाल दाग दिए।

कभी वनभूलपुरा तो कभी थाना काठगोदाम

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मलिक को पूछताछ के लिए काठगोदाम थाने में लाया गया। इससे पहले पूछताछ के लिए उसे वनभूलपुरा भी ले जाया गया था। मलिक से अब भी पूछताछ जारी है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने स्टांप पेपर पर जमीन बिक्री के सवाल पर भी पहुंची। इसके जवाब में मलिक ने उल्टा सवाल दाग दिया। सूत्रों के मुताबिक, मलिक ने दलील दे डाली कि हल्द्वानी में तमाम जगहों पर जमीन स्टांप पेपर पर बिक रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जब मलिक से जमीन पर कब्जा कर धार्मिक स्थल और मदरसा बनाने के बारे में पूछा गया तो उसने कई जगहों पर गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए मदरसों का निर्माण और धार्मिक स्थल के निर्माण की बात कही।

बड़ा सवाल, कब से हल्द्वानी में नहीं था मलिक

बीती आठ फरवरी को हुई हिंसा के बाद पूरे मामले की जांच में अहम सवाल यह बना हुआ है कि आखिर अब्दुल मलिक हल्द्वानी में कब से नहीं था? रिमांड पर पूछताछ में मलिक ने घटना के दिन वनभूलपुरा में नहीं होने की बात कही है। वहीं सूत्रों के मुताबिक वनभूलपुरा हिंसा के दिन मलिक के हल्द्वानी में होने की पुलिस आशंका जता रही है। फिलहाल इस बात की पुष्टि के लिए पुलिस मलिक की कॉल डिटेल और नेटवर्क ट्रेसिंग डिटेल खंगाल रही है।

दो मार्च या उससे पहले ही भेजा जा सकता है जेल
मलिक से पूछताछ के लिए पुलिस के पास दो मार्च तक का समय है। यह अवधि पूरी होने पर पुलिस उसे वापस जेल भेजेगी। सूत्रों के मुताबिक, यदि इससे पहले ही पर्याप्त सूचनाएं मिल गईं तो उसे पहले भी जेल भेजा जा सकता है। लेकिन संतोषजनक सूचना न मिल पाने पर पुलिस दोबारा मलिक को रिमांड पर ले सकती है।

हिंसा में हुए नुकसान का मिले मुआवजा

गो रक्षक संगठन के जोगेंद्र राणा ने डीएम को ज्ञापन देकर हल्द्वानी हिंसा में पुलिस, नगर निगम और मीडिया कर्मियों को हुए आर्थिक नुकसान की निंदा की है। साथ ही इसकी भरपाई के लिए मुआवजे दिए जाने की मांग उठाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com