नई दिल्ली, 7 अगस्त —2024
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर जनता में जो शक लंबे समय से उबाल पर था, उसे आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुलकर मंच से कह दिया। उन्होंने ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर बल्कि सीधे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल दागे। एक बार फिर लोकतंत्र की बुनियाद हिलाने वाले गंभीर आरोप सामने आए हैं — और इस बार आरोपों की भाषा में भी बारूद है।
राहुल गांधी ने कहा,
“हमें और करोड़ों लोगों को शक था कि दाल में कुछ न कुछ काला है। और अब सबूत मिलने लगे हैं कि ये दाल पूरी की पूरी जल चुकी है!”
क्या-क्या कहा राहुल गांधी ने?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने आरोपों की एक ऐसी चेन पेश की, जिसे सुनकर सियासी गलियारे हिल उठे। उन्होंने बताया कि:
- BJP को एंटी-इनकंबेसी का असर क्यों नहीं लगता?
क्योंकि चुनाव नतीजे ‘मैनेज’ किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये कोई सामान्य राजनीतिक घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित ‘स्क्रिप्टेड’ चुनाव होते हैं। - ओपिनियन और एग्जिट पोल्स की सच्चाई पर उठाए सवाल
राहुल बोले कि जब सारे पोल कुछ कहते हैं और नतीजा कुछ और आता है, तो शक तो बनता है। हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी यही ट्रेंड दोहराया गया। - नैरेटिव सेट होता है, शेड्यूल कोरियोग्राफ होता है
उन्होंने दावा किया कि पहले एक नैरेटिव गढ़ा जाता है — “BJP ने स्कीमों के दम पर चुनाव जीता”, फिर चुनाव आयोग उस नैरेटिव के हिसाब से चुनाव का शेड्यूल तय करता है। यानी चुनाव ‘डायरेक्टेड’ होते हैं, फेयर नहीं।
EVM बनाम बैलेट — राहुल का बड़ा सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि जब बैलेट पेपर से चुनाव होता था, तब पूरा देश एक दिन में वोटिंग करता था। लेकिन अब EVM का सहारा लेकर महीनों तक चुनाव खींचे जाते हैं। उन्होंने पूछा:
“क्या चुनाव आयोग इतने सक्षम अफसरों के बावजूद महीनों तक चुनाव कराने के लिए मजबूर है, या फिर यह भी एक योजना का हिस्सा है?”
महाराष्ट्र में क्या हुआ?
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए बताया कि लोकसभा में जहां उनकी पार्टी और गठबंधन जीतते हैं, वहीं कुछ महीनों बाद हुए विधानसभा चुनाव में हार हो जाती है। और इस हार के पीछे छिपी गड़बड़ी के संकेत उन्होंने बेहद साफ शब्दों में दिए:
- विधानसभा चुनाव में 1 करोड़ नए मतदाताओं ने अचानक वोट डाल दिया।
- चुनाव आयोग कहता है कि 5:30 बजे के बाद भारी वोटिंग हुई।
- कांग्रेस पोलिंग एजेंट्स का दावा है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा,
“हमें तभी समझ आ गया था कि कुछ न कुछ गड़बड़ है। और अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वो इसी ‘भयंकर गड़बड़ी’ की ओर इशारा करते हैं।”
क्या लोकतंत्र सुरक्षित है?
राहुल गांधी के इस नए हमले ने देश में एक बार फिर उस बहस को जिंदा कर दिया है — क्या भारत में लोकतंत्र सुरक्षित है? क्या हमारे वोट की ताकत सही जगह जा रही है? या फिर पर्दे के पीछे कोई और खेल चल रहा है?
BJP की तरफ से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक तापमान उफान पर है।
राहुल गांधी का ये बयान ऐसे समय आया है जब जनता खुद सवालों से घिरी है — क्या हम सच में जो वोट देते हैं, वही गिनती में बदलते हैं?
ये सिर्फ चुनाव नहीं, लोकतंत्र का भविष्य है — और अब ये लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक जाएगी।

