केंद्रीय बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए गारंटी मुक्त (कोलेटरल फ्री ) लोन की व्यवस्था से उत्तराखंड में कई लोग अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे। दरअसल उद्योगों की स्थापना के लिए बैंकों से लोन मिलना जरूरी होता है। लेकिन बैंक बिना गारंटी के आमतौर पर किसी को लोन नहीं देते है।इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए आने वाले लोन आवेदन में से 75 फीसदी बैंकों की ओर से रिजेक्ट कर दिए जाते हैं। बैंकर्स समिति की बैठक में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हर बार इस मुद्दे को उठाता है।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि अब केंद्रीय बजट में क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड का ऐलान किया गया है। इसके तहत एक फंड बनाया जाएगा जो लोन आवेदन को एक तरह से थर्ड पार्टी गारंटी की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इससे एमएसएमई या उद्योगों के लिए लोन की संख्या बढ़ जाएगी।जिसका लाभ राज्य में कई लोगों को मिल सकता है। विदित है कि पिछले सालों में राज्य में कारोबार करने वाले लोगों और युवाओं की संख्या बढ़ी है। ऐसे में यदि लोन आसानी से मिलने लगें तो इसमें और इजाफा हो सकता है।एमएसएमई सेक्टर के लिए गारंटी मुक्त (कोलेटरल फ्री ) लोन की व्यवस्था से राज्य में कई लोग रोजगार शुरू कर पाएंगे। उत्तराखंड में पिछले कुछ सालों में स्वरोजगार के क्षेत्र में युवा बढ़ी संख्या में आगे बढ़ रहे हैं।
मुश्किल समय में उद्योगों को मिलेगी सहायता
वित्त मंत्री ने एमएसएमई सेक्टर के लिए कोलेटरल फ्री लोन की घोषण के साथ ही गंभीर चुनौतियों का सामना करने वाले उद्योगों की सहायता का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में उद्योगों को क्रेडिट सपोर्ट दिया जाएगा।विदित है कि उद्योग के बीमारू होने पर बैंक किसी भी तरह की सहायता नहीं करते जिससे यूनिट के फिर से उभरने की उम्मीद धूमिल हो जाती है। ऐसे में अब क्रेडिट सपोर्ट स्कीम के तहत उद्यमियों को राहत देने का प्रयास किया गया है। इससे उद्योगों को संकट से उभरने में मदद मिलेगी। जिससे उद्योग जगत में मजबूती आएगी। बजट में इसका प्रावधान किया गया है।
