लद्दाख में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सोनम वांगचुक पर आरोप लगाया है कि उनकी उकसाने वाली टिप्पणियों ने हिंसा को भड़काने में भूमिका निभाई।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)मामला और गंभीर तब हो गया, जब लद्दाख के LG ने साफ कहा, “जो लोग लेह में हिंसक स्टेटहुड प्रदर्शन को भड़का रहे थे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।” इस हिंसा में अब तक 4 निर्दोष लोगों की जानें चली गई हैं।

भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस द्वारा भड़काई गई अशांति बताया और इसे जनरेशन ज़ेड के विरोध के रूप में नहीं देखा। इस प्रकार यह राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही मोर्चों पर बहस का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उकसाने वाली टिप्पणियां सीधे तौर पर हिंसा को जन्म दे सकती हैं। MHA ने सुरक्षा बलों को सतर्क रहने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
LG की चेतावनी और MHA की प्रतिक्रिया ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी तरह के उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाज़ी दोनों को तेज कर दिया है।
