देहरादून, 11 अक्टूबर 2025।
उत्तराखंड की वीरभूमि में आज गर्व और गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित “देवभूमि मेगा पूर्व सैनिक रैली” में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित हजारों पूर्व सैनिक और वीर नारियाँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड सब एरिया द्वारा किया गया, जिसने एक बार फिर राज्य के सैन्य इतिहास और गौरव को नई ऊँचाई दी।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)राज्यपाल ने इस ऐतिहासिक आयोजन को पूर्व सैनिकों की समर्पण भावना, अनुशासन और त्याग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जो संस्कार और देशप्रेम हमारे सैनिक अपने जीवन में लेकर चलते हैं, वही समाज को एक नई दिशा देते हैं। “राष्ट्र प्रथम” की भावना ही भारत को विश्वगुरु बनाएगी—राज्यपाल ने अपने प्रेरक संबोधन में यह बात दोहराई।
वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का सम्मान

इस अवसर पर राज्यपाल और अन्य गणमान्य अतिथियों ने वार वूण्डेड संस्था की ओर से 14 दिव्यांग पूर्व सैनिकों को विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्कूटर वितरित किए। इसके साथ ही 20 वीर नारियों और उत्कृष्ट कार्य कर रहे भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया गया।
सैनिक कल्याण विभाग द्वारा उत्तराखंड सब एरिया को गोल्फ कार्ट प्रदान किए गए, जिन्हें पूर्व सैनिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है।

राज्यपाल ने वीर नारियों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएं और समाज में उदाहरण प्रस्तुत करें। वहीं भूतपूर्व सैनिकों से उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व कौशल को समाज के साथ साझा करें ताकि युवा पीढ़ी अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की सीख ले सके।

पूर्व सैनिकों के हितों के लिए राजभवन सदैव तत्पर
राज्यपाल ने बताया कि पूर्व सैनिकों की शिकायतों के समाधान के लिए राजभवन में शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो उनकी समस्याओं के निवारण के लिए सतत कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “पूर्व सैनिकों के लिए राजभवन के द्वार हमेशा खुले हैं।”
सीडीएस जनरल अनिल चौहान का संबोधन
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने उत्तराखंड को “वीरों की भूमि” बताते हुए पूर्व सैनिकों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाएं अब आधुनिक तकनीक और युद्ध प्रणाली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
सीडीएस ने ऐलान किया कि देहरादून मिलिट्री स्टेशन में एक “इंटीग्रेटेड वेटरन्स वेलनेस एंड सेवा केंद्र” स्थापित किया जाएगा, जो पूरी तरह तकनीक आधारित होगा और पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह केंद्र समयबद्ध तरीके से पूरा होगा।
सरकार की प्रतिबद्धता — सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सेवारत और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्व सैनिकों की सेवा भावना को देश की असली पूंजी बताया।
रैली में जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमांड ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया ले. जनरल डी.जी. मिश्रा, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल एम.पी.एस. गिल, वॉर वूंडेड फाउंडेशन के अध्यक्ष ले. जनरल असित मिस्त्री (से नि), ब्रिगेडियर हरचरण सिंह (से नि) सहित अनेक गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रैली के दौरान 21 कंपनियों द्वारा जॉब फेयर, बैंकिंग सुविधाओं और राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए। साथ ही नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ, जिससे पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को सीधा लाभ मिला।
यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों की शौर्य गाथा का उत्सव था, बल्कि समाज को यह स्मरण कराने का अवसर भी कि राष्ट्र की सुरक्षा और गौरव की नींव इन्हीं पूर्व सैनिकों के बलिदान पर टिकी है।
