उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शुरू की गई एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड सिस्टम अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि ये देशभर के लिए आदर्श प्रशासनिक मॉडल बन गई हैं।
इन व्यवस्थाओं की जन शिकायतों के त्वरित समाधान और विकास परियोजनाओं की सटीक निगरानी में दिखाई गई कुशलता से प्रभावित होकर अब दिल्ली सरकार ने भी इन्हें अपने यहां लागू करने का निर्णय लिया है।
सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)दिल्ली सरकार ने इन दोनों तकनीकी प्रणालियों के कार्यान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से तकनीकी सहायता मांगी है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से औपचारिक पत्राचार भी शुरू कर दिया है।
यूपी मॉडल की खासियत:
- IGRS पोर्टल पर नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं और उन्हें ट्रैक भी कर सकते हैं।
- CM डैशबोर्ड के ज़रिए मुख्यमंत्री स्वयं जिलों की परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी करते हैं।
- इस सिस्टम ने सरकारी जवाबदेही को बढ़ाया है और निष्क्रिय अफसरों पर शिकंजा कसा है।
इन तकनीकी पहलों को लेकर केंद्र सरकार और नीति आयोग पहले ही उत्तर प्रदेश की सराहना कर चुके हैं। अब दिल्ली सरकार की रुचि यह दिखाती है कि “डबल इंजन” सरकार की योजनाएं अब “गवर्नेंस एक्सपोर्ट” का माध्यम बन रही हैं।
